बच्चों के शोर मचाने पर पहुंचेे लोग, झोपड़ी में फंदे से लटका था शव
पत्नी बोली समूह का था कर्ज, नहीं बन पा रहा था मकान, तनाव में आ गए थे
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा (कुशीनगर)। कर्ज से दबे एक युवक ने शुक्रवार को अपनी झोपड़ी के अंदर फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। घटना के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोेकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मानसिक बीमारी की वजह से आत्मघाती कदम उठाने का दावा कर रही है।
खड्डा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर पड़रहवा गांव के निवासी 30 वर्षीय दुखी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। पत्नी वंदना का कहना है कि उनके प्रधानमंत्री आवास का निर्माण चल रहा था। किस्त नहीं आने की वजह से पति समूह से रुपये लिए थे और कुछ लोगों का नकदी भी था। सप्ताह में समूह का किस्त देनी पड़ती थी। इसके अलावा अन्य कर्जदार भी दबाव बना रहे थे। इसकी वजह से दुखी तनाव में आ गए थे। दोपहर बाद बच्चों के शोर मचाने पर लोगों को इसकी जानकारी हुई।
पड़ोसी जब पहुंचे तो दुखी का शव फंदे से झोपड़ी के अंदर लटका था। घटना के बाद घर पहुंची पत्नी वंदना ने बताया कि सुबह दवा व भोजन देकर काम पर चली गई थी। घर पर पति और बेटे सत्यम छह वर्ष व आकाश पांच वर्ष थे। सरकारी आवास बन रहा था। इसके लिए चार बार समूह से कर्ज लिया गया था। हर हफ्ते किस्त देनी पड़ती थी। कुछ और लोगों की उधारी थी। गरीबी की वजह से दिक्कतें थीं। इसे लेकर दुखी तनाव में रहते थे।
उनका इलाज गोरखपुर के एक निजी चिकित्सक के यहां से होता था। पत्नी खेतों में मजदूरी कर किसी तरह दो वक्त की रोटी का इंतजाम कर पाती थी। समूह का वर्कर किस्त जमा करने के लिए बहुत ही दबाव डाल रहा था।
खड्डा के थानाध्यक्ष अमित शर्मा ने बताया कि युवक का शव फंदे से लटका मिला है। युवक मानसिक रूप से बीमार था। ऐसा लोगों ने बताया। कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट होगी।