पडरौना। मनरेगा में हुए घोटालों की जांच करने आई सीबीआई बृहस्पतिवार को भी छानबीन में जुटी रही। सीबीआई के डिप्टी एसपी ने डीआरडीए के मनरेगा सेल में बैठकर फाइलें खंगाली और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूछताछ की। जांच अधिकारी ने उन फाइलों को भी लिया, जिनके तैयार रखने के लिए दो दिन पहले कहा था। उन्होंने खड्डा के बीडीओ से रोहुआ नाले पर हुए पुल के निर्माण के बारे में पूछताछ की। पुल निर्माण के दौरान मजदूरी के भुगतान के बारे में भी जानकारी ली। इस निर्माण से संबंधित कुछ कागजात भी वह लिए। दूसरी ओर सीबीआई जांच को लेकर मुख्यालय के अलावा अन्य हिस्सों में भी लोगाें की टकटकी लगी हुई थी।
सीबीआई के डिप्टी एसपी पीके श्रीवास्तव 25 फरवरी से ही जिले में हैं। पहले दिन उन्हाेंने डीआरडीएम में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों के बारे में जानकारी ली। उन्हाेंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा था कि मनरेगा की गाइड लाइन, वर्ष 2007 से 2010 तक कराए गए कार्य और उनसे जुड़े अधिकारियों का ब्योरा तैयार रखें। दूसरे दिन वह मनरेगा के धन से रोहुआ नाले पर बने पुल की जांच करने के साथ-साथ खड्डा ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचकर मनरेगा के बारे में जांच-पड़ताल की थी। तीसरे दिन बृहस्पतिवार को महाशिवरात्रि का अवकाश होने के बावजूद दोपहर में डीआरडीए दफ्तर का मनरेगा सेल खुला था। दोपहर में संबंधित अभियंता और कर्मचारी आफिस पहुंच गए। कुछ देर बाद सीबीआई के जांच अधिकारी पीके श्रीवास्तव भी पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक उन्हाेंने डीआरडीए के एई, डीआरडीए के ही मनरेगा सेल के लिपिक और अन्य कर्मचारियों का बयान लिया। उन्होंने मनरेगा के प्रोसीजर के बारे में भी बारी-बारी से पूछा। यह भी पूछा कि मनरेगा में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कितना-कितना धन आता है। डिप्टी एसपी ने डीआरडीए के लिपिक से मनरेगा की गाइडलाइन, वर्ष 2007 से 2010 के बीच कराए गए कार्यों और उनसे जुड़े अधिकारियों के बारे में भी ब्योरा लिया। करीब दो घंटे तक पूछताछ चलती रही। उसके बाद वह कार्यालय से चले गए। सूत्रों के मुताबिक डिप्टी एसपी शुक्रवार को वापस जाने की संभावना है।
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पल-पल की जानकारी लेते रहे
पडरौना। तीसरे दिन विकास और मनरेगा से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी डिप्टी एसपी के बारे में टोह लेने में जुटे रहे। अपने स्रोतों से वे पता लगाते रहे कि जांच अधिकारी आज किस ब्लॉक में हैं। दोपहर में जब यह मालूम हुआ कि जांच डीआरडीए में हो रही है, तब यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई कि अधिकारी ने क्या तहकीकात की। सीबीआई के डिप्टी एसपी पीके श्रीवास्तव का लोकेशन जानने के लिए कुछ विभाग, खासकर मनरेगा से जुड़े लोग काफी उत्सुक थे। वे अपने स्रोताें से विभिन्न ब्लॉकों में फोन करके इसकी जानकारी ने रहे थे। यह कवायद तब तक चलती रही, जब तक यह निश्चित नहीं हो गया कि जांच अधिकारी डीआरडीए पहुंचे हैं। वहां भी यह बात मालूम करने की कोशिश करते रहे कि किन-किन बिंदुआें पर फाइलाें की छानबीन और पूछताछ हो रही है।