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मंडी समिति की उम्मीदों पर फिर ग्रहण

Fri, 24 Jan 2014 05:45 AM IST
Kushinagar
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पडरौना। प्रस्तावित कृषि उत्पादन मंडी समिति की उम्मीदों पर एक बार फिर ग्रहण लग गया। इससे जुड़े ज्यादातर किसानों ने मंडी स्थल निर्माण के लिए अपनी भूमि देने से बुधवार को इंकार कर दिया।
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व्यापारियों के हित को देखते हुए पडरौना में मंडी समिति बनाया जाना प्रस्तावित है। पिछले कई वर्षों से इसके लिए प्रयास चल रहा है। मंडी समिति के लिए पडरौना-कसया मार्ग पर स्थित सोहरौना गांव के पास किसानों से जमीन ली जानी थी। जमीन चिंहित करके कई बार नापी भी हुई थी। लेकिन भूमि अधिग्रहण नहीं हो पा रहा था। क्योंकि जिला प्रशासन की ओर से तय किए गए दर पर किसान अपनी भूमि देने को राजी नहीं थे। इस संबंध में किसानों से कई दौर की वार्ता हो चुकी है।
बुधवार को एक बार फिर इसके लिए बैठक बुलाई गई थी। दोपहर दो बजे से डीएम के कैंप कार्यालय पर बैठक शुरू हुई। तहसीलदार सदर, सचिव मंडी समिति, भूमि अध्याप्ति अधिकारी एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में डीएम रिग्जियान सैंफिल ने किसानों से इस बारे में जैसे ही चर्चा शुरू की, लेकिन किसानों ने अपनी जमीन देने से इंकार कर दिया। बैठक में शामिल नवल गुप्ता, सकली देवी, नित्यानंद दुबे, शेखर मिश्र, युसुफ अली, लालबहादुर, गौरीशंकर, गिरिजेश उपाध्याय, अनिल तिवारी, रामजी गुप्ता, सूरज गुप्ता, फूलकुमारी देवी, संजय श्रीवास्तव, सोनू तिवारी सहित कई लोगों का कहना था कि मंडी स्थल के लिए वे अपनी जमीन देना नहीं चाहते। जबकि उप निदेशक मंडी परिषद गोरखपुर की ओर से बताया गया कि मंडी समिति के लिए 7.884 हेक्टेयर प्रतिकर दर के निर्धारण के लिए बैठक बुलाई गई। बैठक में कुछ किसानों ने भूमि देने से इंकार कर दिया है। अन्य सभी कृषकों ने भूमि देने पर सहमति जताई है। भूमि न देने वाले कृषकों से भी प्रयास किया जा रहा है।
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