पडरौना। बिहार की सीमा से सटे कुशीनगर जिले के सीमावर्ती इलाकों से वाणिज्य कर विभाग के चेकपोस्ट बंद हो जाने से टैक्स चोरी पर लगाम नहीं लग पा रही है। क्योंकि न तो अब उतने अधिकारी और कर्मचारी रह गए हैं और न ही वहां अन्य कोई संसाधन। जिले पर मौजूद वाणिज्य कर विभाग का सचल दल सूचना मिलने के बाद जब तक पहुंचता है, ट्रक या अन्य वाहन वहां से जा चुके होते हैं।
जिले की सीमा तीन तरफ से बिहार से सटती है। इसके अलावा पनियहवा से कुछ दूर जाने पर नेपाल की सीमा शुरू हो जाती है। जिले में तेरह छोटे-बड़े रास्ते हैं, जो बिहार से जुड़े हुए हैं। सेल टैक्स की चोरी रोकने के लिए वाणिज्य कर विभाग के तीन चेकपोस्ट हुआ करते थे। ये चेकपोस्ट तमकुहीराज, चखनी और समऊर बाजार में थे। इनके अलावा तमकुहीराज में हाईवे पर नाइट विजन कैमरा लगा था। यहां दो विभागीय अधिकारी तैनात किए गए थे। इन चेकपोस्ट से गुजरने वाले वाहनों के बिल, कागजात और प्रपत्राें की जांच करने के बाद उन्हें जाने दिया जाता था। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम भी होती थी। लेकिन वर्ष 2008 में सभी चेकपोस्ट बंद कर दिए गए। उस समय अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या करीब 54 थी। वर्तमान में टैक्स चोरी रोकने के लिए जिले पर केवल एक मोबाइल यूनिट है, जिसमें एक असिस्टेंट कमिशभनर, एक वाणिज्य कर अधिकारी, एक वरिष्ठ लिपिक, चालक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होता है। यह सचल दल सूचना मिलने पर छापेमारी या मौके पर जाकर जांच करता है। जब तक सचल दस्ता वहां पहुंचता है, वाहन वहां से जा चुके होते हैं। इससे सेल टैक्स चोरी पर लगाम नहीं लग पा रही है। इन चेकपोस्ट के बंद हो जाने से टैक्स चोरी में काफी इजाफा हुआ है।
कोट
कुशीनगर काफी संवेदनशील जनपद है। चेकपोस्ट बंद हो जाने से टैक्स चोरी पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। एक मोबाइल यूनिट ही है, जिसके जिम्मे पूरा जनपद है। सूचना मिलने पर जब तक पहुंचते हैं, वाहन चले जाते हैं। अभी दोनों हाईवे पर दो, स्टेट गवर्नमेंट की सड़क पर एक के अलावा कई महत्वपूर्ण स्थानों पर चेकपोस्ट की आवश्यकता है। चेकपोस्ट पुन: खोले जाने के लिए कमिश्नर को पत्र लिखा गया है।
राम सिंह यादव
असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर/सचल दल प्रभारी
कुशीनगर