पडरौना। जिलाधिकारी रिग्जियान सैंफिल ने सोमवार की सायं अपने कैंप कार्यालय पर जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की, जिसमें जेई/एईएस वार्ड के आईसीयू को क्रियाशील करने के लिए एक सप्ताह का मौका दिया। इसके अलावा डीएम ने कई प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कार्य में शिथिलता बरतने पर फटकार भी लगाई।
कैंप कार्यालय पर आयोजित बैठक में डीएम रिग्जियान सैंफिल ने विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों पर स्वच्छता, पानी और बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही साफ-सफाई पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। सरकारी अस्पतालों पर हो रहे प्रसवों में से 34 केंद्रों को जिनके यहां प्रतिमाह तीन प्रसव से कम हैं, उनको चिह्नित करते हुए कार्रवाई करने का भी आदेश दिया। साथ ही जेईएस वार्ड, एचएमआइएस और एमसीटीएम में कम फीडिंग वाले ब्लॉकों कसया, फाजिलनगर, तमकुही, तरयासुजान, दुदही, विशुनपुरा, नेबुआ नौरंगिया, खड्डा और कप्तानगंज के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भीतर सभी कार्य पूर्ण कर अवगत कराएं। डीएम ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत सील 27 प्राइवेट अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र जमा न करवाने और इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज न कराने पर संबंधित को कड़ी फटकार लगाते हुए बैठक से बाहर कर दिया। इसके अलावा एएमजी, अनटाइड और रोगी कल्याण समितियों के बजट का नौ माह बीते जाने पर व्यय न करने को लेकर भी डीएम ने सख्त तेवर अपनाए। तहसील स्तरीय प्रधान और एएनएम की बैठक कर कार्ययोजना तैयार करवाते हुए एक सप्ताह के भीतर व्यय न करने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा। बैठक में सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, डिप्टी सीएमओ, जिला क्षय रोग अधिकारी आदि उपस्थित रहे।