पडरौना। प्रेरकों की नियुक्ति के निकाले गए विज्ञापन को निरस्त करने, बकाया मानदेय का भुगतान किए जाने, डायट प्राचार्य और सदर एसडीएम को हटाए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रेरकों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। प्रेरकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
वर्ष 2010 से कार्यरत प्रेरकों में से 1237 का वर्ष 2013-14 के लिए नवीनीकरण करने के लिए कलेक्ट्रेट में आवेदन जमा किया गया, पर नवीनीकरण नहीं किए जाने से प्रेरक आंदोलनरत हैं। इन्हीं मांगों को लेकर प्रेरक पहले भी आंदोलन किए थे। जिस पर एसडीएम सदर ने उन्हें 18 दिसंबर तक नवीनीकरण कराए जाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया गया था। निर्धारित तिथि के अंदर नवीनीकरण नहीं होने से प्रेरकों ने पुन: 19 दिसंबर से धरना शुरू कर दिया। इसी आंदोलन के तहत प्रेरकों ने सड़क जाम किया, जिसे प्रशासन ने बलपूर्वक हटवा दिया। इसके बाद से प्रेरकों की मांगों में कुछ और मांग भी जुड़ गई। सड़क जाम कर रहे प्रेरकों पर मुकदमा भी दर्ज किया गया है। अब प्रेेरकों की मांग है कि उस मुकदमे को वापस लिया जाए। प्रेरक अब अपने धरना करने वाले दिनों की मजदूरी भी मांग रहे हैं तथा धरने मेें खर्च होने वाले धन की भी मांग कर रहे हैं। प्रेरकों का आरोप है कि डायट प्राचार्य की मनमानी के कारण उनको यह दिन देखना पड़ रहा है। प्रेरकों का कहना है कि सपा छोड़ सभी दल उनके धरने को समर्थन दे रहे हैं। इन्हीं दलों के सहयोग से वे 30 दिसंबर को फिर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि वे प्रशासन के दमनकारी नीति के आगे झुकेंगे नहीं।
जनता दल यू ने सीएम को पत्र लिखा
पडरौना। जनता दल यू के प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह शनिवार को प्रेरकों के धरने में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रेरकों की मांग को लेकर वह शिक्षा मंत्री को पत्र लिखे हैं। प्रेरकों के धरने को संबोधित करते हुए शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि डायट प्राचार्य अपने घोटाले को छिपाने के लिए प्रेरकों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने प्रेरकों की नई भर्ती के लिए निकाले गए विज्ञापन को संदिग्ध बताते हुए डायट प्राचार्य पर धन उगाही करने के लिए प्रेरकों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रेरकों के ऊपर किए गए बल प्रयोग की निंदा करते हुए मांग की कि इस कृत्य के लिए दोषी अधिकारियों को दंडित किया जाए। प्रेरकों की मांगों को तत्काल मानकर उनका नवीनीकरण किया जाए।