पडरौना/रामकोला। पत्नी की मौत के एक साल बाद दूसरी शादी की चाहत में एक शख्स ने अपने ही बच्चों को मारने की कोशिश की। बच्चे तो बच गए, लेकिन आरोपी बाप अब पुलिस हिरासत में है। पुलिस के मुताबिक पांच बच्चों के बाप को दूसरी शादी करने में ये बच्चे आंड़े आ रहे थे। इस लिए उसने ऐसा कदम उठा लिया।
बृहस्पतिवार की देर शाम को पांच बच्चों का बाप मोहनलाल कुशवाहा अपने दो बच्चों आठ वर्षीय दिवाकर और पांच वर्षीय रिंकी को पडरौना कोतवाली क्षेत्र के देवरिया पांडेय गांव के सामने मुख्य पश्चिमी गंडक नहर में धकेल कर अपने गांव चला आया। बच्चे नहर की झाड़ को पकड़कर शोर करने लगे। अगल-बगल से जाने वाले लोगों ने बच्चाें को बचा लिया। मामला कोतवाली तक पहुंचा और पुलिस ने बच्चों को नहर में धकेलने वाले बाप मोहनलाल की तलाश शुरू कर दी। शुक्रवार को रामकोला पुलिस ने मोहनलाल को उसके घर बलुआं से हिरासत में ले लिया और कोतवाली पड़रौना की पुलिस को सौंप दिया। पुलिस हिरासत मोहनलाल ने बताया कि उसकी शादी पंद्रह वर्ष पूर्व हुई थी। तीन लड़कियों और दो पुत्रों की मां का देहांत एक वर्ष पूर्व हो गया। उसके बाद से ही मोहनलाल को नई शादी करने की चाहत रही। मोहनलाल ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी करने में ये बच्चे रोड़ा बन रहे थे। इसी वजह से उसने बृहस्पतिवार को दो बच्चों को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। मोहनलाल के माता पिता भी इस दुनियां में नहीं हैं। घर पर रहने वाली बच्ची ममता ने बताया कि कल पिताजी के वापस आने के बाद जब अपने भाई और बहन के बारे में पूछी तो वह पीटने के लिए दौड़ा लिए। ममता कहती है कि मां के मरने के बाद से पिताजी सभी भाई बहनों को मारते-पीटते हैं। बार-बार घर से भगाते रहते हैं। उसके बाद से ही बगल की दादी के पास चली गई। तभी से उन्हीं के पास रह रहीं हैं। जबकि दो बच्चे पडरौना पुलिस के पास थे। इस मामले में जानकारी होने के बाद डीएम ने तहसील के अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच कराई। उन्होंने दोनों बच्चों को कपड़े आदि मुहैया करवाकर उनको एक अनाथालय में शरण दिलाई है।