खड्डा। स्थानीय चीनी मिल के दैनिक भोगी मजदूरों ने चीनी मिल पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पुन: आंदोलन की चेतावनी दी है। दूसरी तरफ चीनी मिल प्रशासन ने परिसर में 100 मीटर के अंदर किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन पर न्यायालय से स्थगन प्राप्त कर लिया है।
आईपीएल की खड्डा चीनी मिल के प्रबंधतंत्र ने इस वर्ष के पेराई सत्र में दैनिक वेतन भोगी मजदूरों को काम पर नहीं बुलाया था। काम पर वापस बुलाने और मजदूर नेता चित्रसेन द्विवेदी का तबादला निरस्त करने की मांग को लेकर 07 दिसंबर से मजदूर चीनी मिल के गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए। मजदूरों ने बाद में यह धरना भूख हड़ताल में परिवर्तित कर दिया। 12 दिसंबर को सदर एसडीएम और हाटा विधायक राधेश्याम सिंह धरना स्थल पर पहुंचकर मजदूरों की भूख हड़ताल को समाप्त कराया था। उस समय मजदूरों को आश्वासन दिया गया था कि सभी मजदूरों को काम पर वापस बुला लिया जाएगा, मजदूर नेता को धमकी देने वाले पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और चीनी मिल प्रबंधतंत्र के लोगों ने यह भी आश्वासन दिया था कि मजदूर नेता का तबादला भी निरस्त कर दिया जाएगा। सभी मांगों को पूरा करने के लिए 19 दिसंबर तक की समय सीमा निर्धारित की गई थी। मजदूरों का आरोप है कि विधायक और एसडीएम के समक्ष किया गया कोई वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है। इस कारण सैकड़ों परिवारों के सामने रोटी का संकट आ गया है। मजदूरों का कहना है कि अब नए सिरे से आंदोलन किया जाएगा।
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27 से करेंगे अनशन
खड्डा। बैनामे की जमीन से अवैध कब्जा हटवाने की मांग को लेकर रामपुर गोनहा निवासी वाजिद अली ने जिला मुख्यालय पर अनशन करेंगे। इसके लिए उन्होंने एसपी, डीएम कमिश्नर को पत्र लिखकर सूचना दे दी है। उनका कहना है कि यदि 26 दिसंबर तक उनके बैनामा की जमीन से कब्जा नहीं हटाया जाता है तो अनशन के लिए वह बाध्य होंगे।