कसया। कुशीनगर में मैत्रेय परियोजना की स्थापना से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों मेें खुशी है। मैत्रेय से कुशीनगर में विदेशी पर्यटकों की संख्या में दोगुना इजाफा होने और ठप पड़ी होटल परियोजनाओं के शुरू होने की उम्मीद की जा रही है।
वर्तमान में प्रतिवर्ष कुशीनगर आने वाले विदेशी पर्यटकाें की संख्या 61000 से ज्यादा हो गई है। बुद्ध की निर्वाणस्थली होने के कारण कुशीनगर का विदेशी बौद्ध अनुयायियों में विशेष स्थान है। पर सीधी वायु, रेल सेवा और पर्यटकों को आकर्षित करने वाले अन्य स्थानों का नहीं होना कुशीनगर के पर्यटन विकास में एक बाधा रही है। कुशीनगर आने वाले विदेशी पर्यटकों में पहला स्थान थाईलैंड, वर्मा, श्रीलंका के पर्यटकों का है। दूसरे स्थान पर चीन, जापान, मलेशिया, कोरिया और वियतनाम के पर्यटक आते हैं। आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जर्मनी, अमेरिका के पर्यटक कुशीनगर आने में तीसरे स्थान पर हैं।
मैत्रेय की स्थापना से इन देशों के पर्यटकों की संख्या बढ़ने में मैत्रेय सहायक सिद्ध होगा। अमूमन चार छह घंटे में कुशीनगर में कार्यक्रम समाप्त कर चल देने वाले पर्यटक तोे दो दिन आराम से रुक सकेंगे। इससे होटल कारोबारियों में खुशी है। कुशीनगर में तीन थ्री स्टार होटल और एक राजकीय स्टार फ्री होटल है। कई धर्मशाला और गेस्ट हाउस भी हैं। वर्तमान पर्यटकों के लिए होटलों में कमरों की संख्या कम पड़ रही। कुशीनगर में कई होटल समूह ने जमीन खरीद रख छोड़ी है।
कई होटलों के विस्तार की योजना लंबित है। ऐेसे में मैत्रेय परियोजना के शिलान्यास से ठप पड़ी होटल परियोजनाओं के शुरू होने की उम्मीद जगी है। इससे विकास बढ़ेगा।