सेवरही। कपड़ा कारोबारी अशोक नाथानी के पुत्र धीरज नाथानी के अपहरण के मामले में 72 घंटे बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस टीम बिहार के कई जनपदों से लेकर रेता इलाके के दोआबा तक खाक छान रही है, लेकिन अब तक घटना की गुत्थी सुलझाने में नाकामयाब साबित हुई है। इसे लेकर परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी है। शुक्रवार को राज्य मंत्री डॉ. पीके राय ने धीरज नाथानी के परिवारवालों को ढांढस बधाते हुए आईजी से मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच एसटीएफ से कराने की सिफारिश की। वहीं क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू ने शुक्रवार की शाम को कस्बे के व्यापारियों के साथ कैंडल मार्च निकालकर धीरज के सकुशल रिहाई की मांग की है। विधायक ने कहा कि प्रदेश में जंगलराज कायम हो गया है इसके खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जाएगा।
सेवरही कस्बे के प्रसिद्ध कपड़ा व्यवसायी अशोक नाथानी के पुत्र धीरज नाथानी को चारपहिया वाहन सवार बदमाशों ने मंगलवार की शाम को उनके घर के पास से अगवा कर लिया था। मामले में पुलिस ने पहले तो गुमशुदगी का केस दर्ज किया। बाद में अपहरण की धारा तरमीम की थी। घटना को 72 घंटे से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पुलिस, एसओजी से लेकर अन्य कई टीमें सुराग लगा रही हैं। इतना ही नहीं, संदेह के आधार पर कुछ लोगों को उठाया भी गया है, जिनसे पूछताछ चल रही है। अब धीरज के परिवारीजनों की बेचैनी बढ़ने लगी है। पुलिस मामले के पर्दाफाश की कोशिश जरूर कर रही है, लेकिन 72 घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष सेवरही विजयराज सिंह का कहना है कि पुलिस पूरी कोशिश कर रही है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।