सेवरही। कस्बे के मशहूर कपड़ा व्यवसायी अशोक नाथानी के पुत्र धीरज नाथानी के अपहरण के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस जहां से चली थी, वहीं पर ठहरी नजर आ रही है । क्षेत्राधिकारी का कहना है कि पुलिस टीम पूरी कोशिश कर रही है।
सेवरही कस्बे के कपड़ा व्यवसायी अशोक नाथानी के पुत्र धीरज नाथानी को मंगलवार की रात चारपहिया वाहन सवार बदमाशों ने उनके घर के पास से अगवा कर लिया था। मामले मे पुलिस ने पहले तो गुमशुदगी का केस दर्ज किया, लेकिन बाद में उसे अपहरण के रूप में तरमीम कर दिया। घटना को बीते 48 घंटे से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इसके लिए पुलिस की विशेष टीमों को भी लगाया गया है। संदेह के आधार पर कुछ लोगों को उठाया भी गया है, जिनसे पूछताछ चल रही है। पुलिस की टीम बिहार में भी भेजी गई थी। बृहस्पतिवार की देर शाम तक पुलिस को इस घटना में कोई ठोस सुराग नहीं हासिल हो पाया था। दूसरी ओर समय बीतने के साथ ही व्यवसायी के परिवारीजनों की बेचैनी बढ़ने लगी है । अपहृत व्यवसायी की पत्नी मिलन की सिसकियां नहीं थम रही हैं। मासूम उर्वी और दर्श को मालूम नहीं है कि उनके पापा को बदमाशों ने अगवा कर लिया है, पर अपनी मां को रोते देख दोनों बच्चे भी रोने लगते हैं। पिता अशोक नाथानी की जुबान से हर वक्त केवल एक ही बात निकल रही है कि उन्होंने हमेशा लोगों का भला किया है, ऐसे में उनके परिवार को न जाने किसकी नजर लग गई। इस संबंध में थानाध्यक्ष सेवरही विजय राज सिंह का कहना है कि पुलिस घटना के पर्दाफाश की पुरी कोशिश कर रही है ।
सूर्यप्रताप शाही ने ढांढस बंधाया
बृहस्पतिवार को भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रताप शाही ने सेवरही के गंाधी नगर मोहल्ले में नाथानी परिवार के घर पहुंच कर अगवा हुए व्यवसायी के परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। पत्रकारों से बातचीत में शाही ने कहा की जब-जब प्रदेश में सपा की सरकार बनी है, तब-तब अपराध बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह बड़े शर्म की बात है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के जिले में आगमन की पूर्व संध्या पर कपड़ा व्यवसायी का कस्बे के बीचोबीच से अपहरण कर लिया गया और पुलिस पर्दाफाश करने की बजाय पानी में लाठी पीटती नजर आती है । ऐसे में यह लगता है कि प्रदेश में जंगल राज कायम हो चुका है ।