पडरौना। नया राशनकार्ड मिलने में दो महीना और लग सकता है। यह देरी राशनकार्डों के सत्यापन में लगाए गए ग्राम सेवकों और सचिवों की लापरवाही के कारण हो रही है। सत्यापन में तेजी लाने के लिए डीएसओ ने सभी बीडीओ को पत्र लिखकर ग्राम विकास अधिकारियों और सचिवों को निर्देश देने को कहा है।
सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर राशन और केरोसिन के लिए राशनकार्ड हर पांच साल पर बनाए जाते हैं। इस साल भी नये बीपीएल, अंत्योदय और एपीएल राशनकार्ड बनाए जाने हैं। इससे पहले राशनकार्डों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। इस दौरान मृतकों का नाम हटाने और नये नाम जोड़ने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम विकास अधिकारियों/ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में नगरपालिका अथवा नगर पंचायत के कर्मचारी इस कार्य को करेंगे। प्रारूप भरकर विभाग के सुपुर्द करने की तारीख 15 नवंबर तक निर्धारित की गई थी। कुछ तो प्रारूपों की जटिलता और कुछ लापरवाही की वजह से इसमें तेजी नहीं आ पा रही है। इसके कारण राशनकार्डों के प्रारूपों की सूचना भी विभागीय वेबसाइट पर फीड करने में समय लग रहा है।
शासन की ओर से बार-बार निर्देश के बावजूद सत्यापन में देरी होने के कारण जिला पूर्ति अधिकारी ने जिले के सभी बीडीओ को पत्र लिखा है। उन्हाेंने सभी ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को इस बात के लिए निर्देशित करने को कहा है कि सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर वे अपने अधीनस्थ ग्राम पंचायतों के उचित दर विक्रेताओं के यहां उपलब्ध डाटा फार्मों को व्यक्तिगत रुचि लेकर शीघ्र संशोधित/सत्यापित कराएं। ताकि यह फार्म तहसील स्थित आपूर्ति कार्यालय में उपलब्ध कराए जा सकें। विभागीय सूत्रों की मानी जाए तो सत्यापन कार्य इतनी धीमी गति से हो रहा है कि इसके जनवरी में पूरा होने की उम्मीद है। उसके बाद नए राशनकार्ड उपलब्ध हो पाएंगे।
कोट
एक तो कर्मचारियों की हड़ताल और दूसरे फार्म पर ग्रामसेवकों/सचिवों के हस्ताक्षर न होने की वजह से विलंब हो रहा है। हमारे कर्मचारी गांवों में जा रहे हैं लेकिन वे ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। पूछने पर कहते हैं कि इसके लिए कोई आदेश नहीं मिला है। इसलिए बीडीओ के माध्यम से उन्हें आदेश की कापी भेज दी गई है। सत्यापन और करेक्शन में एक महीने से अधिक समय लगेगा। प्रारूप की फीडिंग होने के बाद ही राशनकार्ड उपलब्ध हो पाएंगे।
ताजुद्दीन
डीएसओ, कुशीनगर