पडरौना। बिहार में नमक के संकट की खबर आने के बाद नगर में इसके लिए लोग दुकानों पर टूट पड़े। सुबह दुकानें खुलते ही नमक खरीदने वाले ग्राहकों की जमघट लग गई। सीमाई इलाकों के नमक ऊंचे दर पर बिहार भेज दिए गए। इस कारण उन जगहों पर नमक का संकट पैदा हो गया। वहां के दुकानदार नगर से नमक ले जाकर ग्राहकों की जरूरतों को पूरा किए। उधर, कुशीनगर जिले से सटे बिहार के सीमावर्ती गांवों में नमक 80 से 100 रुपये किलोग्राम तक बिका। रात में तहसील प्रशासन को एनाउंस कराना पड़ा कि बिहार में नमक की कोई कमी नहीं है और यह महज अफवाह है।
बिहार में नमक के किल्लत की खबर आने के बाद पडरौना शहर में ही बहुत से लोग किराना की दुकानों पर टूट पड़े। जैसे ही दुकानें खुलीं, वहां नमक खरीदने वालों की भीड़ लग गई। नगर के लाजपतनगर, कन्नौजिया वार्ड और कसेरा टोली समेत कई मुहल्लों के लोगों में कोई दो किलोग्राम, कोई पांच किलोग्राम तो कोई छह किलोग्राम नमक खरीदकर रख लिया। उनका कहना था कि क्या पता, कहीं प्याज की तरह इसकी भी कमी आ गई तो क्या करेंगे। किराना व्यवसायियों की भी चल पड़ी। कुछ दुकानदार तो फुटकर में ही तीन से चार बोरी नमक सुबह ही बेच दिए। थोक विक्रेताओं के यहां भी नमक के खरीदारों की भीड़ लग गई। कोई रिक्शा से, कोई माल वाहक से तो कोई साइकिल पर ही नमक की बोरियां लादकर जटहां बाजार, कठकुइयां रोड और खड्डा रोड की ओर चल पड़ा।
उधर, बिहार से जुड़ने वाले जिले के सीमावर्ती इलाकों जैसे खड्डा, छितौनी, जटहां बाजार, बरवापट्टी, तमकुहीराज, सेवरही आदि इलाकों में भी नमक की कमी पड़ गई। वहां बिहार से आने वाले लोग थोक भाव से नमक खरीद ले गए। पहली बार इन इलाकों में नमक भी ब्लैक में बिक गया। जब वे दुकान पडरौना आए तो नमक ले जाकर वहां के लोगों की जरूरतें पूरी कीं।