पडरौना। साक्षर भारत मिशन योजना अंतर्गत जिले में जिला समन्वयक तथा ब्लॉक समन्वयकों के रिक्त पद पर नियुक्ति होनी है। डॉयट की ओर से विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगे गए हैं। इस नियुक्ति के लिए दी गई विज्ञप्ति में अति पिछड़े वर्ग के लिए तीन पद आरक्षित किए गए हैं। वर्ष 2012 में अति पिछड़े वर्ग के चार पद आरक्षित किए गए थे और इसी आरक्षण पर नियुक्ति भी हुई थी।
साक्षर भारत मिशन को वर्ष 2017 तक बढ़ाए जाने के बाद जिले में चयनित जिला समन्वयकों और ब्लॉक समन्वयकों की संविदा/कार्यकाल को 11 माह के लिए बढ़ाया जाना था। डीएम के निर्देश पर जिला लोक शिक्षा समिति ने पूर्व में चयनित14 ब्लाक समन्वयकों में से 11 के नवीनीकरण के लिए जांच समिति गठित की गई थी। जांच समिति की संस्तुति के आधार पर 09 ब्लाक समन्वयकों तथा एक जिला समन्वयक की संविदा निरस्त कर दी गई। तीन ब्लॉक समन्वयक पहले से ही इस्तीफा दे चुक थे। इस्तीफा देने और निरस्त किए गए जाने के कारण खाली जगहों पर नई नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके पूर्व जिस आरक्षण व्यवस्था पर नियुक्तियंा हुईं थीं, उसके अनुसार जिले में 14 ब्लाक समन्वयकों में तीन अनुसूचित जाति, चार अति पिछड़ी जाति के लोगों की तैनाती हुई थीं। सूत्रों के अनुसार वर्तमान में जिले के एक ब्लॉक में सामान्य वर्ग के दो ब्लॉक समन्वयक कार्यरत हैं। शेष 12 ब्लॉक समन्वयकों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इस बार के आवेदन के अनुसार जिले में तीन ही ब्लाक समन्वयक अति पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस प्रकार आरक्षण नियमों की अनदेखी प्रतीत होती है। इस संबंध में डॉयट के प्राचार्य राकेश कुमार का कहना है कि रोस्टर के अनुसार आरक्षण की प्रक्रिया अपनाई गई है। यदि इसमें कोई त्रुटि हो गई होगी तो उसे ठीक करा लिया जाएगा।