पडरौना/कसया। लोक परंपरा में रचे-बसे छठ पर्व का आगाज होते ही परंपरागत लोकगीतों की गूंज सुनाई पड़ने लगी है। बाजारों में चहल पहल, पोखरों और घाटों पर रौनक बढ़ गई है। शाम को अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं परिवार के दीर्घायु, निरोगी और सुख समृद्धि की कामना करेंगी। सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारण करेंगी।
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनमानस में सर्वाधिक लोकप्रिय पर्व छठ की महत्ता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन क्षेत्रों से देश के सुदूर प्रदेशों में यहां तक कि विदेशों में भी बसे लोग अब भी विरासत के रूप में इस को सहेजे हुए हैं। आधुनिकता की दौर में बदल रहे रहन-सहन और रीति रिवाजों में हो रहे बदलाव का कोई असर इस पर्व पर नहीं पड़ा। कसया में भी पर्व की तैयारियां जोरों पर चल रही है। छठ पूजा में प्रयुक्त होने वाले नई फसल के विभिन्न उत्पादों नारियल, केला, गन्ना, शकरकंद, हल्दी, मूंगफली, गाजर, सूपा, डाली आदि की खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। वहीं कपड़ों और शृंगार प्रसाधनों की दुकानों पर भी महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
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घाटों पर साफ-सफाई तेज हुई
पडरौना/कसया। छठ पर्व को लेकर नगर के प्रमुख घाटों पर साफ सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया गया। रामधाम पोखरा के घाट पर छठ सेवा समिति की ओर से साफ सफाई कराई गई। सुरेंद्र सोनी, जयप्रकाश गुप्ता, संजय गुप्ता, संजय जायसवाल, शत्रुघ्न सोनी, ओमप्रकाश यादव, संजू बोस आदि ने रामधाम पोखरा, नौका टोला घाट, बेलवा घाट पर सफाई कराई। नगर पालिका अध्यक्ष शिवकुमारी देवी ने नगर के घाटों पर जाकर साफ सफाई व्यवस्था की जायजा लीं। इन घाटों पर नगर के लाइट संघ की ओर से प्रकाश की व्यवस्था कराई गई है। दुर्गा पूजा समितियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए जलपान और ठहरने का इंतजाम किया गया है। रक्षा युवा मंच के अध्यक्ष रत्नेश गुप्ता ने बताया कि नगर के हर प्रमुख स्थलों से व्रत रहने वाली महिलाओं को नि:शुल्क घाटों तक पहुंचाने और लाने के लिए बीस आटो लगाए गए हैं। वहीं बुधवार की देर शाम को ज्चाइंट मजिस्ट्रेट कृष्णा करुणेश ने कसया श्रीनाथजी मंदिर के छठ घाट पर तैयारियों का जायजा लिया। बृहस्पतिवार को नगर पंचायत अध्यक्ष मुकेश्वर मद्धेशिया और, मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. सीपी गुप्त, सचिव पीएन श्रीवास्तव, सभासद राजू जायसवाल पूरे दिन डटे रहे।
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संस्कार भारतीय का दीपोत्सव आज
कसया। संस्कार भारती संस्था की ओर से छठ पर्व पर श्रीनाथ जी मंदिर के घाट पर दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार की शाम को किया गया है। संस्कार भारती के कलाकार लोक संस्कृति में रचे बसे अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी करेंगे। आयोजन समिति के सदस्य सुरेश गुप्त ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के छठ घाटों पर भी आयोजन होंगे।
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छठ गीत के सीडी की ब्रिकी बढ़ी
कसया। पर्व का आगाज होते ही छठ गीतों के आडियो विडियो सीडी की बिक्री बढ़ गई। गीतो में केरवा जे फरेला घवद से....उ जे मरवो रे सुगवा धनुक से.. जल्दी जल्दी उगी हे सुरुज देव.. बंहगी लचकत जाय.. आदि लोकप्रिय परंपरागत गीतों पसंद किए जा रहे हैं।
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घाटों पर कड़ी सुरक्षा रहेगी
छठ घाटों पर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। थानाध्यक्ष ओपी राय ने बताया कि हर घाट पर सादे वेश में भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। महिला पुलिसकर्मी की भी तैनाती की जाएगी। शोहदों, पाकेटमारों, चेन स्नेचर पर विशेष निगरानी रहेगी। कई घाटों पर आपदा की स्थिति में निपटने के लिए मल्लाहों को तैनात किया गया है।
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सतर्कता बरतना जरूरी
* अपरिचित महिलाओं से मेल-जोल न बढ़ाएं।
* आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहन कर घाट पर जाना ज्यादा उपयुक्त।
* आकस्मिक घटना होने पर तुरंत शोर मचाएं और 100 नंबर डायल करें।
* घर से निकलते समय पुरुष सदस्य को जरूर साथ लें।
* जहां दीप जले हों, वहां सोने से बचें।
* बच्चों को पानी और पोखरे के पास जाने रोकें।
* भीड़भाड़ में आतिशबाजी करने से बचें।