पडरौना। साक्षर भारत योजना के तहत नियुक्त किए गए प्रेरकों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। नवीनीकरण पत्र लेने पहुंचे प्रेरकों ने कई घंटों तक हंगामा कर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पर हंगामा करने के बाद प्रेरकों ने डीएम के कैंप कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया। प्रेरकों के गुस्से को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी।
साक्षर भारत योजना के अंतर्गत जनपद में 1912 प्रेरकों की नियुक्ति हुई है। इन प्रेरकों का नवीनीकरण जिला लोक शिक्षा समिति की ओर से किया जाता है। बीते दिनों प्रेरकों का नवीनीकरण फार्म जमा करा लिया गया लेकिन नवीनीकरण पत्र नहीं दिया गया। उच्चाधिकारियों और डीएम से मिलने के बाद तय हुआ कि 16 सितंबर को जिला मुख्यालय पर सभी प्रेरकों को नवीनीकरण पत्र दिया जाएगा। सोमवार को सुबह से ही दूर-दराज से महिला और पुरुष प्रेरक अपना नवीनीकरण पत्र लेने पहुंचे लेकिन कलेक्ट्रेट पर घंटों इंतजार करने के बाद कोई भी वहां नहीं पहुंचा। भूख-प्यास से बेहाल प्रेरकों का सब्र दोपहर बाद समाप्त होता दिखा। इसके बाद प्रेरक हंगामा करना शुरू कर दिए। प्रेरकों को मनाने के लिए एडीएम मौके पर पहुंचे। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद प्रेरक माने और कुछ विभागीय जिम्मेदार नवीनीकरण पत्र देकर पहुंचे लेकिन सभी प्रेरकों को पत्र देने के बजाय केवल कुछ सौ प्रेरकों को नवीनीकरण पत्र दिया गया। इस विभागीय मनमानेपन से सुबह से ही इंतजार कर रहे प्रेरकों का गुस्सा फिर फूट पड़ा। प्रेरक हंगामा करने लगे। मामला बिगड़ता देख मौके पर एसडीएम पहुंच गए और काफी संख्या में पुलिस बल बुला दिया गया। किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से गुस्साए प्रेरकों का हुजूम डीएम के कैंप कार्यालय की ओर नारेबाजी करते हुए पहुंच गया। वहां पहले से भारी संख्या में मौजूद पुलिस के जवानों ने प्रेरकों को आगे बढ़ने से रोका। काफी हो हंगामा के बाद डीएम ने दो प्रेरकों को बुलाया और वस्तुस्थिति से अवगत होते हुए बताया कि मामला निदेशालय से ही निस्तारित हो सकता है।
कोट
ये प्रकरण पूरे यूपी का है। शासन स्तर से ही कोई निर्णय हो सकता है। दो बार अतिरिक्त कैंप लगाकर इनकी सुनवाई की जा चुकी है। जब तक शासन इस मामले में कोई निर्णय नहीं देगा तब तक निस्तारित नहीं किया जा सकता है। जिन लोगों का नवीनीकरण किया जा चुका है, उनका पत्र जारी किया जा रहा है।
रिग्जियान सैंफिल, डीएम