पडरौना। जनपद में आग ने शनिवार को जमकर तांडव मचाया। आग की वजह से रामकोला थानाक्षेत्र के चंदरपुर गांव के मलगहां टोले की दो महिलाओं और तुर्कपट्टी थानाक्षेत्र के मच्छरिया दलजीत कुंवर गांव में एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। जिले में आग की अन्य कई घटनाओं में कई लोग झुलस गये हैं तो पशुओं को भी आग ने लील लिया है। कई जगह पर हुई घटनाओं में करीब 350 आशियाने जलकर राख हो गये।
लक्ष्मीगंज प्रतिनिधि के अनुसार चंदरपुर गांव के मलगहा टोले में शनिवार को दिन के 11 बजे खाना बनाते समय आग पकड़ ली। पछुवा की वजह से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग बुझाने की हर कोशिश नाकाम होती देख गांव के लोग खुद को बचाने के लिए भागने लगे। आग के कारण चारों तरफ अफरातफरी का माहौल हो गया। कुछ लोग अपना सामान भी निकालने का प्रयास करने लगे। इसी बीच गांव की सुखदेइया (60) पत्नी गोपाल की आग की लपटों में घिरने से मौत हो गई। जबकि सुभाष की पत्नी घेउनी (50) की भी आग की लपटों और धुएं में दम घुटने से मौत हो गई। आग में 18 वर्षीय युवक दीपक भी गंभीर रूप से झुलस गया। कई घंटों के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तबतक 150 आशियाने जलकर राख हो चुके थे। घटना के बाद मौके पर हाटा एसडीएम शिवकुमार शर्मा ने पहुंच कर मृतकों के परिवारवालों को सांत्वना दी। घटना के बाद राजस्व टीम क्षति के आंकलन में जुटी हुई थी।
अभी मलगहा में आग पर काबू का प्रयास चल ही रहा था कि धोधरही गांव में भी आग लग गई। आग की वजह से इस गांव में लगभग 36 झोपड़ियां जल गई। आग में कई बकरियां और नकदी भी जल गई।
तुर्कपट्टी प्रतिनिधि के अनुसार स्थानीय थानाक्षेत्र के मच्छरिया दलजीत कुंवर गांव में आग लगने की वजह से एक चार वर्षीय बच्ची जल गई। उसे बचाया न जा सका। इस घटना में करीब 30 घर जल गये। वहीं 2 गाय, एक भैंस और चार बकरियां भी जल गईं। बताया जा रहा है कि सुबह लगभग 11 बजे गेहूं की कटाई कर वापस लौटी एक महिला खाना बना रही थी, चूल्हे से छिटकी चिनगारी ने पलभर में विकराल रूप धारण कर आसपास की झोपड़ियों को चपेट में ले लिया। करीब 20 मिनट में 30 आशियाने जलकर राख हो गए। आग में बृजनारायण की चार वर्षीय पुत्री आंचल भी फंस गई। गंभीर रूप से जलने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद आग ने बगल के गंाव महेशपुर में भी कई झोपड़ियाें, दो लोगों की बैलगाड़ी और एक व्यक्ति की दो एकड़ गेहूं की फसल को जला दिया। घटना के बाद मच्छरिया दलजीत कुंवर गांव में पहुंचे नायब तहसीलदार ने सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं बच्ची का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
दुदही प्रतिनिधि के अनुसार आग ने विशुनपुरा थानाक्षेत्र के बैकुंठपुर कोठी अहिरौली के टोला बैकुंठपुर में भी जमकर कोहराम मचाया। शनिवार की दोपहर में खाना बनाते समय छिटकी चिनगारी से लगी आग की वजह से लगभग 80 लोगों की 120 झोपड़ियां जलकर राख हो गई। इस घटना में छह बकरियां समेत 10 एकड़ गेहूं की फसल भी जल गई है। गांववालों ने बताया कि दिन के 12 बजे एक घर में खाना बनाते समय चिनगारी छिटककर एक झोपड़ी पर जा गिरी। देखते ही देखते उस झोपड़ी समेत आसपास की ढेर सारी झोपड़ियां आग की लपटों में समाहित हो गईं। गांव के लोगों का प्रयास पछुवा की वजह से नाकाम रहा और करीब 120 झोपड़ियां जलकर राख हो र्गइं। जबकि राजस्व विभाग के अनुसार 74 लोगों के आशियाने जले हैं। एसडीएम सचिन सिंह सहित राजस्व विभाग के लोग राहत कार्य के लिए पहुंचे थे।
कप्तानगंज प्रतिनिधि के अनुसार स्थानीय थानाक्षेत्र के मेहड़ा गांव में लगी आग की वजह से 42 आशियाने जलकर राख हो गये। आग में दो मासूम झुलस गये जबकि एक गाय समेत दस बकरियां जलकर मर गईं। गांववालों ने बताया कि अचानक लगी आग से लोग संभल पाते और आग पर काबू पाने की कोशिश करते इसके पूर्व आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटों से गांव के ही दो मासूम रमेश और मदन झुलस गये। कई लोगों की फसलें भी जल गईं। गांववालों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की गाडी आई तो लेकिन गाड़ी में डीजल ही नहीं था।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार भटवलियां नंबर 2 गांव में शनिवार की दोपहर को आग की वजह से नौ झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। इस तरह जिले में शनिवार को लगी आग की वजह से जन धन की बड़ी क्षति हुई है।