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मूर्ति विसर्जन...

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जयघोष के साथ देवी प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन
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दुर्गा प्रतिमाओं की पुरोहितों ने विधिविधान से पूजा की और महिलाओं ने खोइंछा भर विदा किया सुरक्षा को देखते हुए घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल के जवान रहे तैयार
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। शारदीय नवरात्र के समय पंडालों में देवी प्रतिमाओं की पूजा के बाद शुक्रवार और शनिवार को विधिविधान से उनका विसर्जन किया गया। इससे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोइंछा भराई की रस्म हुई। उसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विदा किया गया। श्रद्धालुओं ने परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। दुर्गा पूजा कमेटियों के सदस्य अबीर व गुलाल उड़ाते डीजे की धुन पर नाचते गाते दुर्गा प्रतिमाओं को नदी, नहर और तालाबों के किनारे ले गए, जहां उनका विसर्जन किया। वहां किसी भी अनहोनी से बचाव के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस व पीएससी के जवान तैनात रहे।
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पडरौना नगर में कुल 61 स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। इनमें से अधिकांश पंडालों की प्रतिमाओं का विसर्जन शुक्रवार और शनिवार को कर दिया गया। विसर्जन से पूर्व पुरोहितों ने विधिविधान से पंडाल में स्थापित प्रतिमाओं की पूजा की और महिलाओं ने मां दुर्गा के खोइंछा भराई की रस्म निभाई।
नगर के गुदरी बाजार स्थित बुढ़िया माई मंदिर परिसर में श्री बुढ़िया माई मंदिर युवा दुर्गा पूजा सेवा समिति की तरफ से शनिवार की सुबह पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच आरती, पूजन कर और भोग लगाया गया। इसके बाद दिब्या लक्ष्मी, मीना देवी, कलावती देवी, सुनैना देवी, रूबी, रीता देवी आदि महिलाओं ने माता रानी की खोइच भर कर परिवार की सुख समृद्घि की कामना की। पडरौना नगर के छावनी के महादेव मंदिर परिसर में मां शेरावाली बाल दुर्गा पूजा समिति की तरफ से भी विधि विधान से मां दुर्गा सहित नौ देवियों के प्रतिमाओं की पूजा अर्चना तथा खोइंछा भराई करने के बाद विदा किया गया। इसी तरह अन्य पंडालों में सजी दुर्गा प्रतिमाओं की विदाई के बाद खिरकिया घाट पर विसर्जन किया गया। इस दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विधि विधान से पूजन व आरती कर बांसी नदी में शनिवार को विसर्जित किया गया। इसके पहले सभी पंडालों में महिलाओं ने विदाई गीत गाया और माता रानी का खोइंछा भरकर विदा किया।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा समेत तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का शनिवार को विसर्जन किया गया। एसडीएम अरविंद कुमार के नेतृत्व में राजस्व कर्मचारी, गोताखोर और पुलिस तैनात रहे। जटहां बाजार प्रतिनिधि के अनुसार नौ दिन तक चले शारदीय नवरात्र पर्व का शुक्रवार को धूमधाम से समापन हुआ। विजय दशमी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन की शुरुआत हुई। श्रद्घालुओं ने जमकर अबीर गुलाल उड़ाए और जयकारा लगाते हुए प्रतिमा विसर्जन किया।
पडरौना नगर से सटे खिरकियां घाट पर नदी में शुक्रवार की देर तक करीब 46 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। अन्य दुर्गा प्रतिमाओं का विशर्जन शनिवार को किया गया।
पटहेरवा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के फाजिलनगर, पटहेरवा, रहसू, लवनिया, बसडीला आदि स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इसमें लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पटहेरवा एसओ संजय मिश्रा, चौकी इंचार्ज फाजिलनगर राजीव सिंह मयफोर्स तैनात रहे।

विसर्जन में भी दिखा आपसी सौहार्द
कुबेरस्थान। शनिवार को क्षेत्र के विभिन्न पांडलों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान बतरौली गांव के मुस्लिम समुदायों के लोगों ने विसर्जन में शामिल लोगों को जलपान कराया और दुर्गा प्रतिमाओं पर पुष्प वर्षा कर आपसी भाईचारे का परिचय दिया। यहां वर्ष 2016 में मूर्ति विसर्जन के दौरान विवाद हो गया था, लेकिन इस बार दोनों समुदायों के लोगों दशहरा और मुहर्रम का त्योहार नजदीक आते ही शांति पूर्ण तरीके से त्योहार मनाने के साथ ही आपसी प्रेम और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प ले लिया था। इस दौरान किसी अनहोनी से निपटने के लिए सीओ सदर नितेश प्रताप सिंह की अगुवाई में एसओ कुबेरस्थान राजेश कुमार मौर्य अपने हमराहियों तथा पुलिस व पीएसी के जवानों के साथ पूरी मुस्तैदी के साथ जमे रहे। इस मौके पर पूर्व प्रधान सूरज प्रसाद, हाजी निजामुद्दीन अंसारी, सुबाष गुप्ता, रिजवान अंसारी, फेकू गुप्ता, हरीश लाल अग्रवाल, मुस्लिम अंसारी, मकसूद आलम, हिदायत अली, तसउवर हुसैन, अली अहमद, कैलाश प्रसाद, जीउत गुप्ता, रधई यादव, विनोद यादव, सुरेंद्र प्रसाद, विजय प्रसाद, प्रेमप्रकाश रज्जक, ख़ुर्शीद आलम, मोहम्मद आदिल, मुर्तुजा अंसारी आदि मौजूद रहे।
गांव से नगर तक की दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ
कसया। नगर से गांव तक की दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुक्रवार की रात से शुरू हुआ। यह दौर देर रात तक चलता रहा। शनिवार को भी मूर्तियों का विसर्जन हुआ। मूर्ति विसर्जन को देखते हुए सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त किए गए थे। प्रत्येक मूर्ति विसर्जन स्थलों व नदियों के घाटों पर प्रशासन और पुलिस की पैनी नजर बनी रही।
क्षेत्र के गांव सिरसिया खोहियां, मधवापुर, पिपराझाम, सेमरा उर्फ झुंगवा गांव की दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन रामाभार पुल और वहीं कसया-पडरौना मार्ग स्थित बाड़ी पुल पर साखोपार सहित दर्जनों गांवों की प्रतिमाओं का विसर्जन होता रहा। इसके अलावा कसया-तुर्कपट्टी मार्ग स्थित खरदर पुल पर क्षेत्र की प्रतिमाओं को विसर्जन किया गया।
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दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान श्रद्धालु डीजे के धुन के साथ नगर में भ्रमण करते हुए अबीर-गुलाल उड़ाकर भक्तिगीतों पर झूमते नजर आए। नगर में फ्लाईओवर, सपहां मार्ग, गोरखपुर मार्ग, रामकोला मार्ग की दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन देर रात तक चलता रहा।
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राकेश कुमार गौंड़ ।
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