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करीब बीस घंटे बिजली आपूर्ति रही ठप्प

Fri, 31 Aug 2018 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
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विशुनपुरा ब्लॉक पर प्रदर्शन करते नरचोचवा गांव के लोग। - फोटो : अमर उजाला
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जटहां बाजार। ट्रांसफार्मर लगाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार की शाम को कुछ लोगों ने मनिकौरा गांव में स्थित बिजली उपकेंद्र पर कर्मचारियों को बाहर निकालकर ताला जड़ दिया। इससे कई गांवों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। शुक्रवार को बिजली निगम और पुलिस के पहुंचने के बाद ताला खुला, तब जाकर करीब 20 घंटे बाद सप्लाई शुरू हो सकी।
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मनिकौरा खास में ट्रांसफार्मर बार-बार जल जा रहा था। बृहस्पतिवार की शाम नया ट्रांसफार्मर गांव में आया। कुछ लोग उसको लगवाने के लिए बिजली उपकेंद्र पर गए। कर्मचारियों के कमी के कारण ट्रांसफार्मर लगाने कोई नहीं गया। इससे नाराज लोगो ने वहां मौजूद सविंदाकर्मी बिजली मिस्त्रियों को बाहर निकालकर उपकेंद्र के गेट पर ताला जड़ दिया। इसके चलते उपकेंद्र से जुड़े कई गांवों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई। शुक्रवार की सुबह बिजली निगम के अधिशासी अभियंता के निर्देश पर जेई विश्वंभर प्रसाद पहुंचे और उन्होंने डॉयल 100 व पडरौना कोतवाली पुलिस को सूचना दिया। पुलिस के पहुंचने के बाद उपकेंद्र पर लगा ताला खोला गया। जेई के निर्देश पर मनिकौरा में जले ट्रांसफार्मर को बदलकर नया लगा दिया गया। दोपहर बाद से बिजली आपूर्ति शुरू हुई। बिजली विभाग के एक्सईएन हंसराज कौशल ने बताया कि गांव के लोगों को बिजली उपकेंद्र पर ताला नहीं लगाना चाहिए, उनका यह तरीका गलत था। उनके विरुद्ध केस दर्ज कराने के लिए जेई को निर्देश दिया गया है। पटहेरवा प्रतिनिधि के अनुसार फाजिलनगर विद्युत उपकेंद्र से जुडे़ करीब 100 गांवों की बिजली दो दिन तक बाधित रही। बिजली निगम के कर्मियों ने शुक्रवार दोपहर तक गड़बड़ी दूर कर समसया का समाधान कर दिया। बारिश में तार गिरने और फाल्ट की वजह से समस्या पैदा होने की जानकारी दी गई।

अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर संविदा कर्मियों का धरना
कसया। विद्युत मजदूर संगठन ने शुक्रवार को कसया अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। एक तहसील से दूसरे तहसील में स्थानांतरण किए जाने से संविदा कर्मचारी नाराज हैं। इस फैसले को विद्युत कर्मियों ने वापस लिए जाने की मांग की। धरने की अध्यक्षता कर रहे संगठन के जिलाध्यक्ष अशोक राय ने कहा कि विद्युत संविदा कर्मियों को एक तहसील से दूसरे तहसील के लिए स्थानांतरित किया जा रहा है। यह फैसला कर्मचारियों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि श्रम अधिनियम 1970 का उल्लंघन किया जा रहा है। ठेकेदारों की तरफ से निर्धारित महीने का वेतन भी समय से नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते संविदा कर्मी भुखमरी के कगार पर हैं। आईटीआई और बिना आईटीआई किए संविदा कर्मियों को 10 और 12 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिए जाने का प्रावधान है, वहीं ठेकेदार प्रतिमाह केवल 3000 हजार रुपये देता है, वह भी प्रत्येक माह नहीं, दो माह अथवा तीन माह के बाद दिया जाता है। ऐसे में संविदा कर्मियों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन चलता रहेगा। धरने पर बैठे पदाधिकारियों और कर्मियों ने कहा कि अब लड़ाई आरपार की होगी। इस मौके पर अनिल श्रीवास्तव, राजेश दूबे, मुकेश सिंह, जयप्रकाश, नेऊर शर्मा, सुरेंद्र प्रसाद, ज्ञान सिंह, दीपक श्रीवास्तव, शंभू, विजय दीक्षित और अशोक कुमार आदि मौजूद थे।
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खुले में रखा है ट्रांसफार्मर,खतरे की आशंका
पिपरा कनक।समउर बाजार तिराहे पर जमीन से सटे ट्रांसफर्मर रखकर बिना जाली से घेरे सप्लाई दिए जाने से खतरा बना हुआ है। कस्बे के राजेश पांडेय, पूर्व ग्राम प्रधान गोपाल गुप्ता, मुकेश कुशवाहा, राकेश मिश्रा ने बताया कि बिना जाली से घेरे ही ट्रांसफार्मर रखा गया और बिजली की सप्लाई दी जा रही है। आरोप है कि कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की गई,लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने डीएम से सुरक्षा के प्रबंध किए जाने की मांग की है।
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