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एक और गैंडा पकड़ा गया, अन्य की हो रही तलाश

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कुशीनगर। गंडक नदी की बाढ़ में बीते 13 अगस्त को बहकर नेपाल के चितवन वन निकुंज से आए सात गैंडों में से एक और रविवार की देर रात वाल्मीकि नगर के जंगल में पकड़ा गया। एक गैंडा को पहले ही पकड़ा जा चुका है। शेष बचे पांच गैंडों की तलाश के लिए बिहार व नेपाल के वन विभाग की संयुक्त टीम प्रयास कर रही है।
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गंडक नदी में वाल्मीकि बैराज से पानी का डिस्चार्ज पांच लाख क्यूसेक से अधिक होने के कारण नेपाल के चितवन वन निकुंज और बिहार के वाल्मीकि नगर व्याघ्र परियोजना क्षेत्र के जंगलों से तमाम वन्य जीव बह गए थे। जानकारी होने पर नेपाल व बिहार के वन विभाग के अफसरों ने जानवरों की तलाश शुरू की। चितवन वन निकुंज से सात गैंडों के बाढ़ में बहने की जानकारी होने पर वन कर्मियों की टीम ने हाथी पर सवार होकर तलाश शुरू की। पांच दिन पहले शुरू हुए इस सर्च ऑपरेशन में एक गैंडा बिहार के बगहा शहर के पास पकड़ा गया था। टीम को पद चिह्न व अन्य संकेतों के आधार पर दूसरे गैंडों की भी मौजूदगी का आभास हुआ तो तलाश तेज किया गया। रविवार को गैंडे का एक बच्चा इस टीम को दिखा लेकिन उसे पकड़ा नहीं जा सका। देर रात इस टीम को बाल्मीकि नगर वन क्षेत्र के चूना भट्ठी के निकट एक अन्य गैंडे को पकड़ने में कामयाबी मिली। सोमवार को उसे भी नेपाल भेजा गया। डीएफओ अमित कुमार, गौरव ओझा व चितवन वन क्षेत्र के वार्डन विनय मिश्रा की टीम ने बताया कि अभी कुछ अन्य गैंडों के भी इस क्षेत्र में होने की उम्मीद है। जंगल के आसपास के ग्रामवासियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। गैंडों की तलाश की जा रही है।
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