पडरौना। बीएसए की अगुवाई में मोतीचक ब्लाक के परिषदीय स्कूलों की जांच में बड़े पैमाने पर खामियां मिली हैं। बीएसए ने इस ब्लाक के सात अध्यापकों के निलंबन, 30 अध्यापकों का एक दिन का वेतन काटने और 22 अध्यापकों का वेतन अगले आदेश तक बाधित कर दिया है। इसके अलावा 56 अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिले के परिषदीय स्कूलों की हालत बेहद खराब हो चली है। अधिकांश स्कूलों पर अध्यापक समय से नहीं पहुंच रहे हैं। बच्चों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन वितरण व्यवस्था भी ठीक नहीं है। आए दिन इसको लेकर शिकायतें होती रहती हैं।
शनिवार को बीएसए पन्नाराम गुप्ता की अगुवाई में खंड शिक्षाधिकारियों की टीम ने इस ब्लाक के 90 प्राथमिक व 39 जूनियर हाईस्कूलों की जांच की। कई स्कूलों पर शिक्षक अनुपस्थित मिले। अधिकांश स्कूलों में शिक्षण व अन्य व्यवस्थाओं की हालत खराब थी। नामांकन के सापेक्ष उपस्थिति, एमडीएम आदि की व्यवस्था भी संतोष जनक नहीं मिली। बीईओ की रिपोर्ट एकत्रित करने के बाद रविवार को बीएसए ने इस पर कठोर कार्रवाई करते हुए सात अध्यापकों के निलंबन और 22 अध्यापकों का वेतन रोकने का आदेश दिया। इसके अलावा 30 अध्यापकों का एक दिन का वेतन काटने और 56 अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगने का भी निर्देश दिया गया है। बीएसए ने बताया कि नामांकन के सापेक्ष उपस्थिति, एमडीएम, दूध वितरण आदि कार्यों में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। जल्दी ही अन्य ब्लाकों में भी टीम बनाकर औचक निरीक्षण किया जाएगा। बीएसए की इस कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।