जनपद के 3,23,591 मतदाताओं ने किया मताधिकार का प्रयोग
03 नगरपालिका और दस नगर पंचायतों में 271 मतदान केंद्रों पर पड़े वोट
- 1845 प्रत्याशियों के भाग्य मतपेटियों में बंद हुए
- 13 मई को होगी मतगणना, मतपेटियों से बाहर आएगा विजेता प्रत्याशियों का नाम
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। नगर निकाय चुनाव के पहले चरण में जनपद की तीन नगरपालिका और दस नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं सभासद के लिए बृहस्पतिवार को छिटपुट घटनाओं के बीच मतदान संपन्न हो गया। शाम पांच बजे तक जिले के 5,49,607 में से 3,23,591 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शाम पांच बजे तक जिले का कुल मतदान 64.11 प्रतिशत रहा। कई बूथों पर देर शाम तक मतदान जारी रहा। देर शाम तक 1,845 प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो गया। पोलिंग पार्टियां बूथों से मतपेटियां लेकर स्ट्रांगरूम पहुंचीं, जहां मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा में जमा किया गया। अब 13 मई को मतगणना के दिन विजेता प्रत्याशियों का नाम इन मतपेटियों से बाहर आएगा।
बृहस्पतिवार को निर्धारित समय सुबह सात बजे से पडरौना, कुशीनगर, हाटा नगरपालिका सहित तमकुहीराज, फाजिलनगर, सेवरही, दुदही, रामकोला, कप्तानगंज, खड्डा, छितौनी, सुकरौली और मथौली नगर पंचायत में मतदान शुरू हुआ। सुबह से ही मौसम ठंडा होने के कारण मतदाताओं की संख्या बूथों पर अधिक रही। यही वजह रही कि सुबह नौ बजे तक 10.34 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। इसके बाद जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मतदान प्रतिशत में वृद्धि होती गई। शाम पांच बजे तक जनपद के सभी बूथों पर 64 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। उसके बाद कई बूथों पर देर शाम तक मतदाताओं की लाइन लगी रही।
मतदान के दौरान तमकुहीराज में भाजपा के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी और पुलिसकर्मियों में झड़प हो गई तो फाजिलनगर नगर पंचायत में सभासद के दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गए। चार समर्थकों को पकड़कर पुलिस थाने लेकर चली गई। हाटा नगरपालिका में एक युवती पर फर्जी मतदान करने का आरोप लगाकर दो प्रत्याशी और उनके समर्थक आपस में ही भिड़ गए। पहले कहासुनी हुई और उसके बाद हाथापाई होने लगी। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन लोगों को खदेड़ा। इसके अलावा पडरौना में नगरपालिका अध्यक्ष के बैलेट पेपर पर एक निर्दल प्रत्याशी के चुनाव चिह्न के आगे मुहर लगाते वीडियो और मुहर लगा फोटो व्हाट्सएप एवं फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सुरक्षा व्यवस्था में यह भारी चूक रही। प्रेक्षक अनिल कुमार, डीएम रमेश रंजन, एसपी धवल जायसवाल और सीडीओ गुंजन द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी मतदान केंद्रों पर पूरे दिन भ्रमण कर वहां की व्यवस्था का जायजा लेते रहे। देर शाम मतदान संपन्न होने के बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। उसके बाद पोलिंग पार्टियां अपने निर्धारित स्थानों पर पहुंचकर मतपेटियां जमा करने में जुट गईं, जो देर रात तक चलता रहा।