पडरौना। राजस्व प्रशासन में बड़ा फेरबदल हुआ है। डीएम के आदेश पर जिले के 63 लेखपालों का तबादला तहसील से बाहर कर दिया गया है। इनमें अधिकतर लेखपाल पांच साल से ज्यादा समय से एक ही तहसील/सर्किल में तैनात थे। नई तहसील में जॉइनिंग, चार्ज देना-लेना और रजिस्टर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रशासन का दावा है कि इससे राजस्व वसूली और शिकायत निस्तारण में पारदर्शिता बढ़ेगी।
राजस्व विभाग में लंबे समय से एक ही जगह जमे लेखपालों को हटाने की कवायद पूरी हो गई है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने शुक्रवार को 63 लेखपालों के स्थानांतरण किए। हैं सूची में पडरौना, हाटा, तमकुहीराज, खड्डा और कसया तहसील के लेखपाल शामिल हैं। यह स्थानांतरण प्रशासनिक आधार के अलावा निजी अनुरोध पर किए गए हैं। डीएम ने बताया कि शासन का निर्देश है कि लेखपाल तीन साल से ज्यादा एक सर्किल में न रहें। कई लेखपाल पांच साल से एक ही जगह पर तैनात थे। शिकायतों में भी कहा जा रहा था कि लंबे समय तक एक जगह रहने से सांठगांठ और मनमानी बढ़ जाती है। इसको गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक आधार और निजी अनुरोध पर जिले के इन लेखपालों को गैर तहसील में स्थानांतरण किया गया है। इसमें पडरौना तहसील के 14, हाटा के पांच, तमकुहीराज के 12, खड्डा के 8, कप्तानगंज के 10 और कसया के 14 लेखपाल इधर-उधर किए गए हैं।