खड्डा। क्षेत्र के मदनपुर गांव के बगल से होकर गुजर रही छोटी गंडक नाले पर लोग श्रमदान से बांस-बल्ली का पुल तैयार कर रहे हैं ताकि आवागमन सुलभ हो सके। वैसे सरकारी धन से कुछ दूरी पर पुल बना है, लेकिन जर्जर होने की वजह से हादसे की आशंका बनी रहती है। लिहाजा उस उस पुल के रास्ते नहीं आते-जाते हैं। छोटी गंडक के दोनों तरफ बसे दर्जन भर गांव की आबादी को बीस मीटर चौड़ा नाला पार करने के लिए दो से तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
छोटी गंडक नाला कुशीनगर के खड्डा व महराजगंज के निचलौल तहसील की सीमा पर बहता है। इसके दोनों तरफ के गांवों के लोगों को नाला पार करना परेशानी का सबब रहता है।
खड्डा तहसील के मदनपुर सुकरौली, सिसवा गोपाल, सारंग छपरा, सोहरौना, सिसई दधीचि, ढाढर टोला, भैसहां, पकड़ी बृजलाल आदि गांव के लोगों व दूसरे तरफ निचलौल तहसील के बड़हरा, चरगंहा, सिधरहिया ,ताल टोला, मदरहवा, सेमरहनी आदि गांव की आबादी अपनी फसल या अन्य जरूरत के लिए बीस मीटर के नाले की चक्कर में दो से तीन किलोमीटर का दूरी तय करते हैं। हालांकि इस नाले पर ही कुछ दूरी पर एक दशक पूर्व कुशीनगर जिला पंचायत से लगभग चालीस लाख रुपये खर्च कर पुल बनाया गया। ग्रामीणों के मुताबिक इसका निर्माण सही ढंग से नहीं हुआ और अप्रोच भी मानक के विपरीत बना। बाद में रखरखाव के अभाव में और जर्जर हो गया। लोग इस पर पैदल जाने से भी कतराते हैं। इस परेशानी से निपटने के लिए ग्रामीणों ने खुद पर भरोसा करते हुए अपने संसाधन, बांस-बल्ली के सहारे श्रमदान कर अस्थायी पुल बनाने का निर्णय लेकर प्रयास में जुट गए हैं। पुल लगभग तैयार होने के करीब है। इस कार्य में मदनपुर सुकरौली गांव के रामपुजित निषाद ,जयप्रकाश सिंह, राजभवन साहनी, ईश्वर साहनी, मोतीलाल निषाद, संतोष साहनी, प्रभु गुप्ता, ओमप्रकाश सिंह, निज्जामुद्दीन अली, रामभरोशा दुबे, विवेक मद्धेशिया, गौरी शंकर साहनी, रामप्रवेश साहनी, जुमराती अली, रामनरेश सिंह, सुबाष यादव, संतोष सिंह, रणवीर कुमार भारती, संतराज सिंह आदि जुटे हुए हैं।