बेड पर चादरें नहीं, तीसरे दिन मिला भोजन
मरीजों ने अल्ट्रासाउंड के लिए रुपये लेने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। यहां तक कि बेड पर चादर की भी व्यवस्था नहीं है। मरीज अगर घर ले आए तो ठीक अन्यथा बगैर चादर के ही बेड पर सोना उनकी विवशता है। प्रसूता महिलाओं को अस्पताल की ओर से सोमवार और मंगलवार को सुबह और शाम का भोजन भी नहीं दिया गया। इस कारण भोजन के लिए उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में बीमार, झुलसे, घायल, सीजेरियन और प्रसूता मरीजों को भर्ती करने के लिए 100 बेड का वार्ड बना है। इनमें प्रसूता महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत स्वास्थ्य महकमा की तरफ से दोनों वक्त का भोजन और अन्य मरीजों को नाश्ते के रूप में दूध या ब्रेड आदि देने का नियम है। इसके लिए शासन से बजट भी मिलता है। बृहस्पतिवार को भर्ती मरीजों का आरोप था कि अस्पताल की ओर से बेड पर न तो चादर दी जा रही है और न ही उन्हें नियमित रूप से सुबह व शाम का भोजन दिया जा रहा है। दो दिन बाद बुधवार को उन्हें भोजन मुहैया कराया गया, लेकिन नाश्ते के तहत दूध नहीं मिला था। सीएमएस डॉ. बजरंगी पांडेय ने बताया कि हर बेड पर चादर देना जरूरी है। इस बारे में संबंधित कर्मचारी से पूछताछ की जाएगी। उन्होंने बताया कि भोजन जननी सुरक्षा योजना के मरीजों को ही दिए जाने की व्यवस्था है।