रामकोला। मंगलवार को कप्तानगंज के एसडीएम और तहसीलदार ने रामकोला सीएचसी का निरीक्षण किया। उस वक्त छह कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं मिले। सुबह साढ़े नौ बजे पहुंचे अफसरों ने परिसर में गंदगी होने और भर्ती मरीजों को नाश्ता नहीं मिलने समेत कई अन्य कमियां सामने आने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी को हिदायत दी।
एसडीएम अरुण कुमार और तहसीलदार बीएन सिंह ने अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहले उपस्थिति पंजिका को चेक किया। कई कर्मचारियों के हस्ताक्षर एक जैसे देखकर एसडीएम ने इस पर आशंका जताई। उन्होंने एक-एक कर्मचारियों को सामने बुलाया तो छह कर्मचारी उपस्थित नहीं मिले। इसके बाद दोनों अफसर वार्ड में पहुंचे और भर्ती मरीजों से दवाइयों और अन्य सुविधाओं की बाबत पूछताछ की। सीएचसी प्रभारी डॉक्टर रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि भर्ती प्रसूताओं को सुबह नाश्ते में अंडा, केला और चाय दी जाती है। इसकी पुष्टि के लिए एसडीएम ने जब एक भर्ती प्रसूता से बात की तो उसने नाश्ता नहीं मिलने की बात बताई। एसडीएम ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए प्रकरण की जानकारी डीएम को देने की बात कही।
एसडीएम ने बाहर की दवाइयां लिखने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि ऐसा प्रकरण सामने आने पर सख्त कार्रवाई होगी। एसडीएम ने आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के तहत संविदा में तैनात चिकित्सकों से प्लान रिपोर्ट भी मांगी। इस औचक निरीक्षण से अस्पताल कर्मियों में अफरा-तफरी मची रही।