सुकराैली आवासीय विद्यालय में रहा सन्नाटा।
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ढाढ़ा (कुशीनगर) । कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय सुकरौली में मंगलवार को न तो कोई अध्यापिका मौजूद थी और न ही बच्चियां। केवल चौकीदार ही स्कूल की रखवाली कर रहा था। आश्चर्यजनक रूप से सभी अध्यापिकाओं का हस्ताक्षर रजिस्टर में दर्ज था। बीईओ के निर्देश पर एनपीआरसी समन्वयक की जांच में इसका खुलासा होने के बाद संबंधित लोगों में हड़कंप मच गया। बीईओ ने रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की बात कही है।
सुकरौली बाजार में इस ब्लाक का कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय है। यहां एक वार्डेन, आठ टीचर, तीन रसोइया, एक एकाउंटेंट, एक चपरासी एवं एक चौकीदार की तैनाती है। मंगलवार को एक शिकायत के आधार पर बीईओ सत्याप्रकाश कुशवाहा ने वृंदावन क्षेत्र के एनपीआरसी समन्वयक कृष्णानंद उपाध्याय को इस विद्यालय पर भेजा। उस वक्त वहां केवल चौकीदार ही मौजूद था। एनपीआरसी समन्वयक के अनुसार विद्यालय में न तो कोई अध्यापिका थी और न ही छात्राएं। ब्लैक बोर्ड पर भी 17 अक्टूबर की डेट पड़ी थी, जबकि उपस्थिति पंजिका पर मंगलवार तक का सबका हस्ताक्षर बना है।
इस संबंध में बीईओ सत्यप्रकाश कुशवाहा ने बताया कि इस विद्यालय की पहले भी शिकायत मिल चुकी है। इस बार भी सूचना मिली तो एनपीआरसी समन्वयक को भेजकर जांच कराई गई। जांच में कोई अध्यापिका उपस्थित नहीं मिली। छात्राएं भी मौजूद नहीं थीं। यह बेहद गंभीर मामला है। वरिष्ठ अफसरों को जानकारी दी गई है, कार्रवाई होगी।