पडरौना। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कालाजार उन्मूलन की दिशा में उत्कृष्ट योगदान के लिए यहां के डीएमओ और दो डॉक्टरों को लखनऊ में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। वहां आयोजित कार्यशाला में सात जनपदों के डॉक्टर, प्रभारी चिकित्साधिकारी और जिला मलेरिया अधिकारी शामिल थे। इस सम्मान पर जिले के डाक्टरों और अन्य लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने सम्मानित होने वालों को बधाइयां दी।
कालाजार के उन्मूलन के लिए बलिया, बनारस, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, जौनपुर और भदोही जनपद में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस जानलेवा बीमारी के उन्मूलन की दिशा में कुशीनगर जनपद की भूमिका काफी सराहनीय रही। छह अक्टूबर को लखनऊ के गोमतीनगर में आयोजित कार्यशाला में कुशीनगर से डीएमओ एसएन पांडेय, संयुक्त जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन और कालाजार के रोगियों का इलाज करने वाले डॉ. राजेश कुमार सहित सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी शामिल हुए थे। इनके अलावा अन्य छह जनपदों से भी डीएमओ, प्रभारी चिकित्साधिकारी और अन्य डॉक्टर कार्यशाला में शरीक हुए।
देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में संयुक्त जिला चिकित्सालय के डॉ. राजेश कुमार को कालाजार रोगियों के बेहतर उपचार और इस बीमारी के उन्मूलन की दिशा में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनके अलावा डीएमओ एसएन पांडेय व तमकुहीराज सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आरके गुप्ता को मरीजों की पहचान कर उन्हें इलाज के लिए प्रेरित करके जिला अस्पताल भेजने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि इस कार्यशाला में मौजूद निदेशक आरके दास गुप्ता, अपर निदेशक नुपुर राय, स्वास्थ्य सचिव वी. हेकाली झिमोमी और प्रमुख सचिव प्रशांत द्विवेदी ने संयुक्त रूप से सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में शामिल सभी डॉक्टरों के तीन वर्षों के कार्यकाल में कालाजार उन्मूलन की दिशा में किए गए कार्यों की समीक्षा की गई, जिसके आधार पर उन्हें सम्मानित किया गया।