कुशीनगर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया की अदालत ने सड़क हादसे से संबंधित 15 वर्ष पुराने मामले में लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने के आरोपी को शनिवार को छह माह के प्रोबेशन की सजा सुनाई है। उसे प्रोबेशन कार्यालय में हाजिरी लगानी होगी। परंतु अगर इस अवधि में कोई दूसरा केस दर्ज होता है तो उसे सजा भुगतनी होगी।
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के गांव गोड़रिया निवासी बंधु शाह ने 27 फरवरी 2002 को गांव के संतोष मिश्र पर लापरवाही पूर्वक तेज गति से वाहन चलाने के आरोप में केस दर्ज कराया था। बंधु का आरोप था कि इस लापरवाही व तेज गति के चलते उनके भतीजे जय किशुन की मौत हो गई। संतोष के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। मामले की सुनवाई कर रहे अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्र मोहन चतुर्वेदी के सामने अभियोजन अधिकारी कृष्ण कुमार जायसवाल की तरफ से पांच गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। दोनों पक्षों का तर्क सुनने व साक्ष्य देखने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी संतोष को छह माह के प्रोबेशन की सजा सुनाई।