कुशीनगर। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बांसगांव खलवा टोला में मंगलवार को आधी रात को 11 हजार वोल्ट का तार टूटकर गिरने से दो लोगों की हुई मौत की घटना से नाराज लोगों ने क्षेत्रीय विधायक की अगुवाई में बुधवार की सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया। मामले की जानकारी होने पर डीएम के निर्देश एसडीएम गांव पहुंचे और मरने वालों के परिवार को 25-25 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता दिलाने की घोषणा की। करीब दो घंटे बाद दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इसके अलावा डीएम ने लापरवाही बरतने के आरोप में बिजली विभाग के एसडीओ और इस गांव के लाइनमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
बांसगांव खलवा टोला के बीच से 11 हजार वोल्ट की लाइन गुजरी है। तार जर्जर हो चुके हैं और पहले भी इनसे कई हादसे हो चुके हैं। मंगलवार की रात बांसगांव खलवा टोला निवासी 22 वर्षीय पतरू पुत्र बिरझन अपने दरवाजे पर सोए थे। उनके बगल में ही पड़ोसी महिला रुपावती ने भी अपने तीन बच्चों को सुलाया था। रात करीब सवा बारह बजे 11 हजार वोल्ट का तार टूट कर गिर पड़ा। तार की चपेट में आकर पतरू झुलसने लगा। हल्ला सुनकर रुपावती अपने बच्चों को बचाने दौड़ी और वह भी करंट की चपेट में आ गई। जब तक बिजली आपूर्ति बंद होती, पतरू व रूपावती की मौत हो गई। इसके अलावा हरिहर व अमरजीत के तीन मवेशी मर गए और धारी की एक भैंस गंभीर रूप से झुलस गई। आधी रात को गांव में हाहाकार मच गया। रात में ही विशुनपुरा पुलिस गांव पहुंच गई थी। बुधवार की सुबह तमकुहीराज के विधायक व कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू भी मौके पर पहुंच गए। लोगों का आरोप था कि गांव में पहले भी कई घटनाएं होने के बाद बिजली विभाग के अफसरों से तार-पोल बदलने का आग्रह किया गया था, लेकिन कार्रवाई न होने के कारण ही इतना बड़ा हादसा हुआ है। विधायक की अगुवाई में लोगों ने शव को पोस्टमार्टम को लिए ले जाने से रोक दिया। ये लोग मृतकों के परिवार को मुआवजा देने तथा तार को आबादी से दूर करने की मांग करने लगे। विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष दिग्विजय किशोर शाही, भाजपा नेता रमेश चंद सिंह, बलवंत सिंह आदि भी लोगों के समर्थन में वहां पहुंच गए। मामले की जानकारी होने पर डीएम आंद्रा वामसी के निर्देश पर एसडीएम विपिन कुमार ने दोनों परिवार को बिजली विभाग की ओर से 25-25 हजार रुपये मुआवजा दिलाया। इसके अलावा अन्य सरकारी योजनाओं का भी लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद विशुनपुरा पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इस संबंध में डीएम आंद्रा वामसी ने बताया कि पिछले सप्ताह ही बिजली विभाग के अफसरों से जर्जर तारों के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। समीक्षा बैठक में बिजली विभाग के अफसरों ने सब कुछ ठीक होने का दावा किया था। इसके बाद तार टूटकर हुई इतनी बड़ी घटना संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही को उजागर करता है। इसलिए संबंधित क्षेत्र के एसडीओ और लाइनमैन पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। पीड़ित परिवारों को नियमानुसार अन्य लाभ भी दिलाने का प्रयास किया जाएगा।