पडरौना। जिला पंचायत सभागार में शनिवार को प्रदेश के बाल विकास, पुष्टाहार, बेसिक शिक्षा एवं ऊर्जा राज्यमंत्री वसीम अहमद की मौजूदगी में वित्तीय वर्ष 2016-17 की जिला योजना में प्रस्तावित 420.57 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इसमें स्पेशल कंपोनेंट प्लान में 64 करोड़, सड़क एवं पुल के मद में आठ करोड़, ग्राम विकास की ओर से संचालित कार्यक्रमों के लिए 195 करोड़ के प्रस्ताव मुख्य रूप से शामिल हैं। हालांकि बैठक में शामिल कई सदस्यों ने तल्ख लहजे में अधूरे कार्यों और विभागीय लापरवाही पर अपनी आपत्ति जताई, लेकिन प्रभारी मंत्री ने विभागीय अधिकारियों का पक्ष रखकर उन्हें शांत करा दिया।
बैठक में पिछले बैठक में पारित प्रस्तावों के बारे में चर्चा की गई। सीडीओ केदारनाथ सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 की जिला योजना में 416.71 करोड़ रुपये का परिव्यय अनुमोदित था।
इसके तहत शासन स्तर से 283.5085 करोड़ जारी हुए। शासन स्तर से पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत कार्यों के लिए जारी धनराशि का प्रतिशत 68.03 है। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए जिला योजना के अंतर्गत शासन की ओर से 420.57 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है।
इसमें केंद्र सरकार की तरफ संचालित वह योजनाएं भी शामिल हैं, जिनके लिए केंद्र व राज्य सरकार दोनों का अंशदान रहता है। सीडीओ ने बताया कि जिला योजना में 223 करोड़ 14 लाख 94 हजार रुपये वेतन, मानदेय व अन्य मदों में रखे गए हैं, जो कुल परिव्यय का 53.06 प्रतिशत हैं। स्पेशल कंपोनेंट प्लॉन के अंतर्गत 64 करोड़ 23 लाख 95 हजार का खर्च प्रस्तावित है।
सड़क एवं पुलिया के मद में आठ करोड़ 74 लाख 58 हजार के खर्च का प्रस्ताव किया गया है। जो कुल खर्च करीब 2.08 प्रतिशत है। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से संचालित विभिन्न कार्यक्रमों जैसे एनआरएलएम, मनरेगा, इंदिरा आवास योजना, डॉ. राममनोहर लोहिया आवास एवं ग्रामीण पेयजल के लिए सर्वाधिक 195 करोड़ 11 लाख 45 हजार के खर्च का प्रस्ताव है।
जो कुल प्रस्तावित खर्च का 46.39 प्रतिशत है। सोशल सेक्टर जैसे छात्रवृत्ति, पेंशन, अत्याचार व उत्पीड़न से मुक्ति के लिए आर्थिक सहायता, शादी-बीमारी अनुदान एवं राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत 52 करोड़ 39 लाख 59 हजार के खर्च का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त समाजवादी पेंशन पर 52 करोड़ 17 लाख 23 हजार के खर्च का प्रस्ताव है।
जिससे 120524 लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इनमें 9242 अनुसूचित जाति के लाभार्थी हैं। इसी तरह केंद्र पोषित योजनाओं कृषि, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, प्रादेशिक विकास दल, परिवार कल्याण, ग्रामीण पेयजल, ग्रामीण स्वच्छता, ग्रामीण आवास, नगर विकास एवं समाज कल्याण के कार्यक्रमों के लिए केंद्रांश 179 करोड़ 88 लाख 65 हजार तथा 240 करोड़ 68 लाख 35 हजार रुपये राज्यांश के रूप में प्रस्तावित किए गए हैं।
प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में आयोजित बैठक में सदस्यों के साथ विचार-विमर्श के बाद हरी झंडी दे दी गई। बैठक में डीएम शंभू कुमार, एसपी दीपक कुमार भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा, खड्डा के विधायक विजय दुबे और तमकुहीराज के विधायक अजय कुमार लल्लू सहित जिलास्तरीय अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।