हाटा। कई माह से मानदेय नहीं मिलने से नाराज विद्युत उपकेंद्र के निजी कर्मचारी शुक्रवार सुबह सप्लाई ठप कर हड़ताल पर बैठ गए। अधिकारियों के काफी समझाने के बाद भी वह बगैर भुगतान मिले सप्लाई शुरू करने पर तैयार नहीं हो रहे थे। बाद में अधिकारियों ने काफी प्रयास कर करीब सात घंटे बाद विद्युत सप्लाई शुरू कराई।
हाटा उप केंद्र पर नियमित कर्मचारियों की कमी के कारण ठेकेदार के माध्यम से बड़ी संख्या में निजी कर्मचारी रखे गए हैं, लेकिन कई माह से मानदेय नहीं मिला रहा है। इससे नाराज कर्मचारियों ने उपकेंद्र परिचालक विनोद मणि और अर्जुन राव की अगुवाई में शुक्रवार सुबह आठ बजे से बिजली सप्लाई ठप कर हड़ताल पर बैठ गए। इससे उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में एक साथ बिजली गुल हो गई।
जानकारी होने पर बिजली विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एसईएन एसके गुप्ता, एसडीओ पीके गुप्ता ठेकेदार को लेकर उपकेंद्र पर पहुंचे। निजी कर्मचारियों ने बताया कि जब तक उनके बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है तब तक सप्लाई बहाल नहीं करेंगे। निजी कर्मचारियों से कई दौर की बातचीत के बाद दो-तीन दिन में मानदेय का कुछ हिस्सा और शेष का माह के अंत तक भुगतान के आश्वासन पर कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त की और विद्युत सप्लाई बहाल की।
इसके बाद करीब तीन बजे पूरे क्षेत्र में बिजली सप्लाई शुरू हो सकी। इस मौके पर रामकृपाल सिंह, मन्नू चौहान, रिंकू कन्नौजिया, सदानंद यादव, तेज प्रताप सिंह, दिनेश कुशवाहा, अंबिका प्रसाद, हरेंद्र प्रसाद आदि निजी कर्मचारी मौजूद रहे। एसडीओ पीके गुप्ता ने बताया कि निजी कर्मचारियों से वार्ता के बाद सप्लाई शुरू करा दी गई है। जल्द ही इन लोगों को भुगतान करा दिया जाएगा।
बकाया वेतन नही मिला तो होगा आंदोलन
मथौली बाजार। विद्युत उपकेंद्र में कार्यरत संविदा विद्युत कर्मियों ने अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा। इसमें ठेकेदार पर मानदेय नहीं देने का आरोप लगाते हुए बकाए मानदेय दिलाने की मांग की। संविदा कर्मी अर्जुन राव, विनय गुप्ता, विनोद, रामकृपाल, राजवंशी पाल, अमरेंद्र राव, विनय मद्धेशिया ने बताया कि ठेकेदार की मनमानी से पिछले कई माह से मानदेय नहीं मिल रहा है। इससे कर्मचारियों के सामने भुखमरी की समस्या आ गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि बकाया मानदेय नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा।