कुशीनगर में संत गाडगे की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पार्चन कर कैंडिल जलाते समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
कसया। कुशीनगर में कन्नौजिया युवा शक्ति फाउंडेशन की ओर से शनिवार को संत गाडगे की 143वीं जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने उनके जीवन और कृतित्व पर प्रकाश डाला। संत गाडगे को इंसानियत का अग्रदूत व शोषित तथा पीड़ित समाज का मसीहा बताया गया।
फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष चंदन राज ने कहा कि संत गाडगे महाराज का जन्म महाराष्ट्र प्रांत के जिला अमरावती की तहसील दरियापुर में 23 फरवरी 1867 को हुआ था। महाराज का कहना था कि बिना परिश्रम किए किसी व्यक्ति को एक दाना नहीं खाना चाहिए। वे तीर्थयात्रा, ढोंग व आडंबर के खिलाफ थे। हमें तन और मन की मैल निकालकर सर्व समाज के लिए बाबा के आदर्शों पर चलना होगा।
जिला प्रभारी संदीप कुमार ने कहा कि जब तक हम शिक्षित और संगठित नहीं होंगे, तब तक हमारे समाज का शोषण बंद नहीं होगा। संत गाडगे के अनुयायी पूरे देश में हैं। गाडगे इंसानियत के अग्रदूत व शोषित तथा पीड़ित समाज के मसीहा थे। इसके पूर्व समाज के लोगों ने संत गाडगे के चित्र पर माल्यार्पण किया। अंत में सोनू राज ने आए हुए समाज के लोगों के प्रति आभार ज्ञापित किया। इस मौके पर पूर्व प्रधान रमेश चौधरी, ग्राम प्रधान प्रदीप चौधरी, हेमंत कुमार, मुकेश कन्नौजिया, सुनील परवाना, आशुतोष सिंह पटेल, पंकज वर्मा, मनोज कुमार, आकाश आदि मौजूद रहे।