पडरौना। शनिवार से संविदा कर्मियों के बेमियादी हड़ताल पर चले जाने का नुकसान उपभोक्ताओं को उठाना पड़ा। ब्रेकडाउन होने के बाद दोपहर बाद से ही शहर की बिजली गुल रही, लेकिन अभियंता लाइनमैनों की हड़ताल खत्म होने का इंतजार करते रहे।
पडरौना एवं रवींद्रनगर उपकेंद्र से शहर से लेकर जनपद मुख्यालय और आस-पास के गांवों के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। संविदा पर तैनात लाइनमैन शनिवार को सुबह से ही बेमियादी हड़ताल शुरू कर दिए। इसी हड़ताल के बीच ही दोपहर करीब दो बजे ब्रेकडाउन होने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उसके बाद फाल्ट इसलिए नहीं बन पाया क्योंकि संविदा पर तैनात सभी लाइनमैन हड़ताल पर थे। एसडीओ रवींद्र पाल ने बताया कि दोपहर में ब्रेकडाउन के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। चूंकि लाइनमैन हड़ताल पर हैं, इसलिए फाल्ट नहीं बन पा रहा है।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार सेवरही के बिजली निगम कार्यालय पर विद्युत संविदा मजदूर संगठन के बैनर तले संविदाकर्मियों ने मांगों को लेकर शनिवार से बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। संविदाकर्मियों का कहना है कि उनके साथ प्रदेश सरकार भेदभाव कर रही है। उन्होंने विभाग को चेताया है कि जब तक उनकी मांगें मानी नहीं जाएगी, तब तक वह धरना जारी रखेंगे। इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष अशोक राय, अजय पांडेय, अब्बास आलम, अख्तर हुसैन, गोरख यादव, जवाहर कुशवाहा आदि मौजूद रहे। कसया प्रतिनिधि के अनुसार विद्युत संविदा कर्मचारी लंबित मांगों को लेकर शनिवार से बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने शुक्रवार को कसया अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना देकर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया था। कर्मचारियों ने घोषणा की है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी, तब तक वह बिजलीघरों पर नहीं लौटेंगे। इस दौरान गौतम कुमार, उमेश कुमार चौधरी, अभिषेक शाही, दिनेश कुमार, नरेंद्र, रामइकबाल, अमित, कन्हैया यादव, कमलेश चौधरी, राकेश चौधरी, अखिलेश कुमार गुप्ता, कृष्ण कुमार, परमा साहनी, रामस्नेही, मुन्ना सिंह, शक्ति यादव आदि मौजूद रहे।