पडरौना। ग्रामीण डाक सेवकों का हड़ताल मंगलवार को 14वें दिन भी जारी रहा। सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के लिए 450 जीडीएस कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से जिले के 20 डाकघरों में 56 हजार चिट्ठियां ग्रामीण क्षेत्रों की फंसी हुई है। इन चिट्ठियों का वितरण न होने से लोग भी काफी परेशान हैं। वहीं जीडीएस कर्मचारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की वार्ता विफल होने के बाद आंदोलन को तेज किया जाएगा। जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगा।
पडरौना के प्रधान डाक घर पर मंडलीय अध्यक्ष सुखल यादव कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर वार्ता विफल हो गई है। संघर्ष की एकमात्र विकल्प बचा हुआ है। इसलिए कर्मचारी एकजुट होकर अपने हक और अधिकार के लिए आंदोलन को तेज करें, ताकि सरकार कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय ले सके। इस दौरान महेंद्र यादव, राकेश श्रीवास्तव, रमेश खरवार, उपेंद्रनाथ, विरेंद्र शुक्ल, सूर्यनाथ सिंह, विनोद गौड़, धनंजय शुक्ला, नागेंद्र तिवारी, रामप्रकाश मिश्र, नारायन लाल श्रीवास्तव, सतीशचंद श्रीवास्तव, मोहन गुप्ता, मदनमोहन सिंह, युगुलकिशोर दूबे, सुखल राजभर, रमेश शर्मा, कृष्णानंद तिवारी, राजीव मौर्य मौजूद रहे। तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने को लेकर मंगलवार को सेवरही डाकघर पर जीडीएस कर्मचारी 14वें दिन हड़ताल पर बैठे रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताया। कर्मचारियों ने कहा कि 14 दिनों से चल रहे आंदोलन पर सरकार का ध्यान नहीं है। अगर यही रवैया रहा, तो जीडीएस कर्मचारी आंदोलन को तेज करेंगे। इस दौरान महातम प्रसाद, श्रीकांत सिंह, शारदा यादव, अनिल कुमार, मुनेशर यादव, कुलदीप कुमार, मुरारी लाल श्रीवास्तव, रामएकबाल आदि मौजूद रहे।