कुशीनगर। संयुक्त जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी कक्ष बृहस्पतिवार की देर रात 55 वर्षीया महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद घरवालों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। फार्मासिस्ट और स्टॉफ नर्स सहित पांच स्वास्थ्य कर्मियों की पिटाई से नाराज अन्य कर्मचारियों ने शुक्रवार को सुबह अस्पताल खुलते ही कामकाज ठप कर बरामदे में धरना शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक धरना देने के बाद एएसपी, सीएमओ और सीएमएस पहुंचे। अफसरों ने धरनारत स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी पर लौटे।
हाटा कोतवाली क्षेत्र के महदेवा गांव के खेसारी की 55 वर्षीय पत्नी खट्टी देवी एक निजी विद्यालय में सफाई कर्मी थीं। बुधवार को वह स्कूल में ही करंट की चपेट में आ गईं। हाटा सीएचसी में इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। बृहस्पतिवार को महिला को पेट में दर्द की शिकायत पर फिर हाटा सीएचसी ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रात के करीब 11.30 बजे संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती हुई इस महिला की आधे घंटे बाद ही इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद मरीज के साथ आए लोगों ने इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट बीपी सिंह, स्टॉफ नर्स अस्मिता फेड्रिक व राजमुनी तथा वार्ड ब्वॉय एहसान और संजय राय को पीट दिया। शुक्रवार की सुबह इस घटना से आहत सभी फार्मासिस्ट, स्टॉफ नर्स और वार्ड ब्वॉय ने काम ठप कर अस्पताल के बरामदे में धरना शुरू कर दिया। तकरीबन दो घंटे बाद एएसपी हरि गोविंद, सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार और सीएमएस डॉ. लालता प्रसाद मौके पर पहुंचे। एएसपी ने रात में अस्पताल परिसर में पुलिस की पीआरबी वैन खड़ा किए जाने के साथ ही रवींद्र नगर पुलिस चौकी के इंचार्ज को रात में अस्पताल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। सीएमओ ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई के लिए आश्वासन दिया। इन दोनों अफसरों के आश्वासन पर स्वास्थ्य कर्मी काम पर वापस लौटे।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार का कहना था कि घायल स्वास्थ्य कर्मियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से सीएमएस के जरिए तहरीर भी भेजी गई है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। एएसपी हरि गोविंद का कहना था कि जिला अस्पताल में किसी भी तरह की अराजकता नहीं होने दी जाएगी। शाम को गार्ड इमरजेंसी कक्ष और अस्पताल की निगरानी करेंगे। इसके अलावा चौकी इंचार्ज भी वहां जाएंगे। अस्पताल परिसर में यूपी 100 की एक गाड़ी रात में हमेशा लगी रहेगी। उन्होंने बताया कि घायल स्वास्थ्य कर्मियों की तहरीर सीएमएस के जरिए कोतवाल को सौंप दी गई है। इस घटना के लिए जिम्मेदार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।