कुशीनगर। बरसात के इस मौसम में इंसेफेेलाइटिस का प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है। जिला अस्पताल के 10 बेड का आईसीयू शुक्रवार को मरीजों से भरा रहा। तीन बच्चे सामान्य वार्ड में भी भर्ती किए गए थे। इस बीमारी के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी से अब तक जिले के 154 मासूम इंसेफेलाइटिस की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें 11 की मौत हो चुकी है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल के आईसीयू में बिहार के ठकरहां थाना क्षेत्र के सिसवनिया निवासी हाफिज की पुत्री सुहाना उम्र ढाई वर्ष, तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के बसडीला पांडेय निवासी निषाद अहमद की तीन वर्षीय पुत्री सुहाना, विशुनपुरा थाना क्षेत्र के शाहपुर माघी निवासी महेंद्र मुसहर की चार वर्षीय पुत्री चंदा, तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के सपहीं बुजुर्ग गांव के हरेंद्र देव की चार वर्षीय पुत्री दिशा और नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बलकुड़िया के रहने वाले जयराम की पांच वर्षीय पुत्री सुनीता को इंसेफेलाइटिस की चपेट में आने के कारण जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इसी तरह रामकोला थाना क्षेत्र के परसौनी निवासी महेंद्र की दो वर्ष की पुत्री विजयलक्ष्मी, खड्डा थाना क्षेत्र के नौका टोला निवासी सेराज की तीन वर्षीय पुत्री नूरी और हनुमानगंज थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी दीपक वर्मा की दो वर्षीय पुत्री अंशिका को भी आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां इनका इलाज चल रहा है। इनके अलावा पडरौना कोतवाली क्षेत्र के मनिकौरा खास निवासी रामबली की पुत्री नंदिनी और जंगल चौरिया निवासी सुभाष की तीन वर्षीय पुत्री चांदनी का इलाज भी आईसीयू में चल रहा है। इनके अलावा हनुमानगंज थाना क्षेत्र के जिंदाछपरा गांव की 11 वर्षीय गुड़िया सहित दो अन्य बालिकाओं के भी इंसेफेलाइटिस की चपेट में आने के कारण जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। बाद में इनकी हालत में सुधार होने पर सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। यहां बता दें कि जनवरी से अब तक जिले भर में इंसेफेलाइटिस से 154 लोग पीड़ित हो चुके हैं, जिनमें 11 की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को पूरा इंसेफेलाइटिस वार्ड मरीजों से भरा पड़ा था।