कुशीनगर। पूर्वांचल समेत पूरे प्रदेश में बाढ़ से होने वाली धन व जनहानि को रोकने के लिए सरकार की तरफ से पूरी तैयारी कर ली गई है। गंगा, गंडक, राप्ती व घाघरा आदि नदियों में बाढ़ की सूचना के लिए प्रदेश भर में 45 नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। इसके अलावा लखनऊ में एक केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इन जगहों से बाढ़ प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। कुशीनगर में भी बाढ़ से बचाव के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
ये बातें शुक्रवार को कुशीनगर में होटल पथिक निवास में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कही। वे बाढ़ प्रभावित इलाके का हवाई सर्वे करके लौटने के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। मंत्री ने कहा कि उच्चाधिकारी बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। डीएम को बाढ़ प्रभावित इलाके में हर संभव उपाय के लिए निर्देशित किया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित इलाके में खाद्यान्न व ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित जिलों में लोगों की मदद के लिए एनडीआरएफ की टीम भी उपलब्ध रहेगी। डीएम व सिंचाई विभाग के अफसरों के साथ समन्वय बनाकर यह टीम बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य करेगी। कुशीनगर जिले में बाढ़ से बचाव के लिए हुई तैयारियों के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यहां संवेदनशील बंधों की मरम्मत का कार्य पूर्ण हो चुका है। बाढ़ चौकियां व बाढ़ राहत शिविर के लिए जरूरी प्रबंध भी हो चुका है। गंडक में आने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए समन्वय बनाने का प्रयास किया जा रहा है।