पांच विवेचकों पर हुई कार्रवाई, बाकी पर लटकी तलवार
1,400 मुकदमे 20 थानों में हैं लंबित, एसपी की चेतावनी से मची खलबली
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। दर्ज मुकदमों की विवेचना में लापरवाही बरतने वाले पांच विवेचकों को एसपी की तरफ से निलंबित और लाइनहाजिर करने के बाद मुकदमों के निस्तारण में तेजी आई है। दो वर्षों से लंबित 353 मुकदमों का निस्तारण आनन-फानन सिर्फ तीन दिनों मेंं कर दिया गया है। हालांकि, अब भी 1,400 मुकदमों की विवेचनाएं लंबित हैं। 20 से अधिक लापरवाह विवेचकों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
जिले के बीस थानों में 1,753 मुकदमे विभिन्न अपराधों में दो वर्षों में दर्ज किए गए, लेकिन विवेचकों की लापरवाही की वजह से मुकदमों की विवेचना तय समय में नहीं हो पा रही है। एसपी ने समीक्षा बैठक के बाद कड़ा रुख अख्तियार किया और पांच विवेचकों को निलंबित कर दिया।
एसपी का दावा है कि मुकदमों की विवेचना तय समय से पूर्ण हो जानी चाहिए। ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द कोर्ट से न्याय मिल सके। कई बार हिदायत देने के बाद भी दरोगा मुकदमों के निस्तारण में तेजी नहीं ला रहे थे। इसमें सबसे खराब प्रगति वाले पांच विवेचकों को निलंबित किया गया है।
दो दर्जन से अधिक ऐसे विवेचक हैं, जिन्हें अविलंब विवेचना निस्तारण के लिए हिदायत दी गई है। प्रतिदिन की रिपोर्टिंग भी इनकी की जा रही है। एसपी के तेवर देखकर तीन दिन में ही 353 मुकदमों का निस्तारण कर दिया गया। इसमें कसया थाना में 68, हाटा कोतवाली में 41, कप्तानगंज में 31, पडरौना कोतवाली में 27, तरयासुजान थाने के विवेचकों ने 26 मुकदमे निस्तारित किए हैं।
पुलिस सूत्रों की मानें तो लंबित 1,400 मुकदमों के निस्तारण के लिए विवेचक दिन-रात एक कर दिए हैं। एक-दूसरे दरोगा का सहयोग भी विवेचक ले रहे हैं। थाने पर पहुंचने वाले फरियादियों से भी विवेचक बोल रहे हैं कि इधर मुकदमा निस्तारण का दबाव है। इसलिए बाद में मिलो।
इन पर हुई कार्रवाई
सेवरही थाने पर तैनात दरोगा मंगेश मिश्रा, नेबुआ नौरंगिया थाने में तैनात दरोगा रत्नेश मौर्या, चौराखास थाने के दरोगा संतराज यादव, अहिरौली बाजार के थानेदार राघवेंद्र सिंह और मुंशी अरुण कुमार का वेतन कटा था। हनुमानगंज थाने पर तैनात दरोगा को लाइनहाजिर कर दिया गया है।