कसया। कस्बे में स्थित हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में तब्दील करने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग को 350 एकड़ और जमीन की दरकार है।
इतनी जमीन देखकर अधिग्रहीत करने के सिलसिले में जिला प्रशासन से बात करने के लिए शुक्रवार को नागरिक उड्डयन विभाग की आठ सदस्यीय टीम एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एके पाठक की अगुवाई में कसया पहुंची। टीम ने प्रस्तावित जमीन अधिग्रहीत करने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हवाई अड्डा के आसपास के करीब दस गांवों का दौरा किया।
अधिकारियों ने साथ में मौजूद डीएम लोकेश एम से सर्वे में दिखाई गई जमीन अधिग्रहीत करने के संबंध में बात की। इस पर डीएम ने साथ में मौजूद तहसीलदार को प्रस्तावित जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार करके भेजने का निर्देश दिया।
नागरिक उड्डयन विभाग के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एके पाठक, लखनऊ हवाई अड्डा के डायरेक्टर एचसी होटा, जनरल मैनेजर देवाशीष खान सहित आठ सदस्यीय टीम शुक्रवार को सुबह कसया हवाई अड्डा पहुंची। यहां पहले से जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। टीम में शामिल सदस्यों ने हवाई अड्डा के लिए पूर्व में ली गई 584.65 डेसिमिल के अलावा 350 एकड़ जमीन और अधिग्रहीत किए जाने की आवश्यकता जताई।
इससे पूर्व विभाग 11 गांवों के 2972 किसानों की जमीन अधिग्रहीत करवाकर एक अरब,72 करोड़ 83 लाख 47 हजार 807 रुपये मुआवजा दे चुका है। इसके अलावा अधिग्रहीत जमीन पर कंटीला तार लगाने के लिए विभाग 70 लाख रुपये अब तक खर्च कर चुका है।
टीम ने 350 एकड़ जमीन और अधिग्रहीत करने के लिए शुक्रवार को भलुही मदारी पट्टी, मिश्रौली, नरकटिया खुर्द, कुरमौटा, शाहपुर, विशुनपुर बिंदवलिया, नरायनपुर, बेलवा दुर्गा, बेलवा रामजस गांव में अधिग्रहीत के लिए प्रस्तावित जमीन को देखा। इस दौरान साथ में मौजूद डीएम लोकेश एम से प्रस्तावित जमीन अधिग्रहीत करने की आवश्यकता जताई। डीएम का कहना था कि हवाई अड्डा के विस्तारीकरण के लिए प्रस्तावित जमीन अधिग्रहीत करने के संबंध में प्रस्ताव तहसीलदार से मांगा गया है।