फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनसीसी से जुड़ कर नौकरी हासिल करने के साथ बढ़ा रहे ख्याति

विज्ञापन
ncc
विज्ञापन

विज्ञापन

पडरौना (कुशीनगर)। नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के जरिए होनहारों के सपनों को पंख लग रहा है। एनसीसी का प्रशिक्षण लेने वाले कई युवा नौकरी प्राप्त करके जहां सामाजिक और आर्थिक ख्याति पैदा कर रहे,वहीं युवाओं को भविष्य संवारने की राह भी दिखा रहे है। एनसीसी कैडेट्स प्रियंका पासवान 26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले के परेड में शामिल होगी।
पडरौना राज दरबार के पास 1968 में 50 यूपी एनसीसी बटालियन की स्थापना हुई थी। इसके बाद में इस बटालियन 13 विद्यालयों को जोड़कर प्रशिक्षण शुरू किया गया। जिसमें पडरौना के उदित नारायण इंटर कॉलेज में 100, उदित नारायण डिग्री कॉलेज में 155, जनता इंटर कॉलेज रामकोला में 100, खेतान इंटर कॉलेज लक्ष्मीगंज में 54, डीएबी इंटर कॉलेज घुघली में 100, महात्मा गाधी इंटर कॉलेज सिसवा बाजार में 54, बुद्घा इंटर कॉलेज कुशीनगर में 109, बुद्घ पीजी कॉलेज कुशीनगर में 150, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज सखवनिया में 100, श्रीगांधी स्मारक इंटर कॉलेज हाटा में 108, श्रीगंगा बक्स कनौडिया इंटर कॉलेज कप्तानगंज में 100, नेहरु इंटर कॉलेज तरयासुजान में 100 और श्री कृष्ण इंटर कॉलेज कठकुईया में 100 सीट का निर्धारण हुआ। यहां कुल 11 इंटर और दो डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे करीब 1330 विद्यार्थियों को एनसीसी का प्रशिक्षण शुरू किया गया। एनसीसी का प्रशिक्षण लेकर कई छात्र भारतीय सेना के विभिन्न पदों पर चयनित हुए है।
विज्ञापन
विज्ञापन

घुघली स्थित डीएबी इंटर कॉलेज में एनसीसी का प्रशिक्षण ले रहीं प्रियंका पासवान का चयन आरडीसी (रिपब्लिक डे कैंप) परेड में हुआ है। वह 26 जनवरी को दिल्ली लाल किला पर होने वाले नेशनल परेड में शामिल होकर बटालियन और जिले का नाम रोशन करेंगी। प्रियंका बताती है कि एनसीसी के प्रशिक्षण से ही दिल्ली लालकिला पर परेड करने का उनका सपना साकार हो रहा है।कुशीनगर स्थित बुद्घ इंटर कॉलेज में एनसीसी का प्रशिक्षण ले रहीं जुलेखा बास्केटवॉल में नेशनल स्तर पर खेल चुकीं है।वह बताती है कि एनसीसी से जुड़कर ही उन्हे यह मुकाम हासिल हुई है।पडरौना 50 यूपी बटालियन के सीओ कर्नल अनिल मिश्र बताते है कि एनसीसी प्रशिक्षण लेने वाले बच्चों को अलग-अलग प्रशिक्षण लेने के बाद ए, बी और सी तीन तरह का प्रमाण पत्र दयिा जाता है। इसमें सी प्रमाण पत्र लेने वाले प्रशिक्षणार्थियों को सेना भर्ती में केवल शारिरिक दक्षता की परीक्षा ही देनी पड़ती है। इन्हें भर्ती के लिए होने वाली लिखित परीक्षा से निजात मिल जाती है। इससे परीक्षार्थियों को सहूलियत होती है। उन्होंने बताया कि बटालियन से प्रशिक्षण लेकर कई कैडेट भारतीय सेना में सैनिक के अलावा अफसर बन कर देश की सेवा कर रहे है। अभी हाल में ही लक्ष्मीगंज के पास स्थित रगड़गंज निवासी मोहन यादव भी एनसीसी का प्रशिक्षण लेकर भारतीय सेना में अफसर पद पर नौकरी पाए है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें