पडरौना। गौरी श्रीराम गांव के एएनएम सेंटर के निकट मिली नवजात बच्ची को बुधवार के दिन सरस्वती शिशु गृह ग्राम अवस्थी के सदस्यों को सौंप दिया गया। इनका कहना था कि किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत लावारिस नवजात शिशु को कोई भी व्यक्ति असंवैधानिक रूप से गोद नहीं ले सकता। 19 अगस्त को विशुनपुरा थाना क्षेत्र के गौरी श्रीराम स्थित एएनएम सेंटर से 50 मीटर की दूरी पर यह नवजात लावारिस हाल में मिली थी। पुलिस ने इसे गांव के किशोर चौहान को सौंप दिया था। बाद में पांडेयपट्टी गांव के निवासी अमित कुमार की पत्नी लक्ष्मी ने अपना लिया था। इसकी जानकारी होने पर जिले की बाल कल्याण समिति ने थाने पर पत्र भेजकर बच्ची को समिति के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा था। एसओ की तरफ से इस बच्ची को 29 अगस्त को बाल कल्याण समिति के समक्ष लाया गया, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष दीपाली सिन्हा ने इस बच्ची को गोरखपुर के दत्तक ग्रहण अभिकरण सरस्वती शिश गृह ग्राम अवस्थी को सौंप दिया गया। इस दौरान बाल कल्याण समिति न्यायपीठ कुशीनगर की सदस्य अमित मिश्रा, मोलई प्रसाद, के अलावा जिला प्रोवेशन अधिकारी विजय कुमार पांडेय, बाल संरक्षण अधिकारी विनय कुमार शर्मा, अनीता, प्रकाशचंद भारती आदि मौजूद थे।