पडरौना (कुशीनगर)। बुधवार की देर रात आई आंधी-पानी में कई जगह पेड़ की डाल टूटकर तारों पर गिर गई, जिससे रात भर बिजली आपूर्ति ठप रही। बृहस्पतिवार को सुबह पहुंचे विद्युतकर्मियों ने फाल्ट ठीक किया, तब जाकर बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी। तेज हवा चलने की वजह से कई दुकानों और घरों में भी बारिश का पानी घुस गया।
बुधवार की रात करीब पौने दो बजे आंधी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। इसके चलते बाहर पड़ा लोगों का सामान भी गया। तेज हवा के चलते कठकुइयां रोड पर एक पेड़ की डाल बिजली के तारों पर टूटकर गिर पड़ी। इसके चलते डालियों समेत तार टूटकर जमीन पर आ गिरा। इस कारण कठकुइयां रोड सहित नगर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति पूरी रात नहीं हो सकी। सुबह वािद्युतकर्मियों ने पहुंचकर फाल्ट ठीक किया, तब आपूर्ति बहाल हुई। निचले हिस्से की कई दुकानों और घरों में बारिश का पानी भर गया।तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार रात की आंधी-बारिश में राजापाकड़ विद्युत संप्रेषण केंद्र से निकलने वाली तैंतीस हजार वोल्ट के तार में ब्रेकडाउन हो गया। इस कारण सेवरही कस्बा सहित कतौरा, तुर्कवलिया, राजपुर, दौनहां, दुबौली, पकड़िहार पूरबपट्टी, संतपट्टी, मिश्रौली सहित अन्य कई गांवों में करीब दस घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। बृहस्पतिवार की सुबह लोगों को बिजली के साथ-साथ पानी के संकट से भी जूझना पड़ा। इस संबंध में जेई दिलीप कुमार मौर्य का कहना था कि रात में आई आंधी के चलते तैतीस हजार बोल्ट के तार में फाल्ट हो गया था। इसे ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार की देर रात हुई बारिश में कस्बे की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। सड़कों के किनारे स्थित कई दुकानों में पानी भर गया। इससे व्यापारियों को दुकान में रखा सामान खराब होने की चिंता सताने लगी। मेहदीगंज में भी सड़क पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी हुई।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार की देर रात हुई बारिश में एनएच स्थित ओवरब्रिज के नीचे सर्विसलेन पर पानी भर गया। तमकुहीराज निवासी राकेश ठाकुर, बलिराम गुप्ता, बिगू प्रसाद, राजेश सिंह, राजू पटेल, पिंटू आदि ने कहा कि ओवरब्रिज के पास जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से यहां हल्की बरसात में भी पानी भर जाता है। इस संबंध में टोल प्लाजा के प्रबंधक ऋषिकेश सिंह का कहना चै कि जलनिकासी के लिए बने प्वाइंट्स को साफ कराकर पानी निकाल दिया गया है। भविष्य में वहां पर जलजमाव नहीं होने दिया जाएगा।