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गोवर्धन पूजा कर मांगी भाइयों की लम्बी आयु

Sat, 21 Oct 2017 05:07 PM IST
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
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पडराौना में बहनों ने गोवर्द्घन की पूजा की। - फोटो : कुश्‍ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। दीपावली के एक दिन बाद मनाया जाने वाला भैयादूज (गोवर्द्घन पूजा) जनपद में परंपरागत तरीके से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र के लिए गोबर से बने गोवर्द्घन की पूजा की।
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शहर से लेकर गांव तक गोवर्द्घन पूजा परंपरागत तरीके से मनाई गई। कन्याओं ने जगह जगह गोबर से गोवर्द्घन की आकृति बना रखी थी। सुबह से ही भाइयों को श्राप देने और फिर उन्हें जिंदा करने के साथ ही उनकी लंबी उम्र के लिए पूजा की गई। बहनों ने परंपरागत गीत भी गाया।

तमकुहीरोड प्रतिनिधि तमकुहीरोड कस्बा सहित राजपुर, पिपरा अगरवा, दोमाठ, जगंलीपट्टी, ब्रह्मपुर, परसा, टिकुलिया, तिवारीपट्टी, तरयासुजान, संतपट्टी, भुलिया, मिश्रौली, पिपराघाट, पिरोजहां, सलेमगढ़ सहित अन्य गांवों में भैयादूज का पर्व बड़े उत्साह से मनाया गया। बहनों ने मांगलिक गीतों के साथ गोवर्द्घन पूजा की और अपने भाइयों की लंबी उम्र व सलामती के लिए दुआएं मांगी। इस अवसर पर गाया जाने वाला परंपरागत लोकगीत उठहू ए देव उठहू सुतले भइले छह मास भी गाया गया।
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पं. नागेंद्रनाथ द्विवेदी बताते हैं कि शास्त्रों में देव का अर्थ भगवान नारायण से है, जो छह मास तक विश्राम की अवस्था में होते हैं। इसके चलते कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होता है। कहा यह भी जाता है कि भगवान कृष्ण ने इंद्र का घमंड तोड़ने के लिए ब्रजवासियों को गोवर्धन पूजा करने की सलाह दी थी। वहीं इस पर्व के दूसरे पक्ष के बारे में पं. संतोष पाठक का कहना है कि इस पूजा में गोबर व रेंगनी के कांट का विशेष महत्व होता है। पहले बहने अपने भइयों को श्राप देकर मारती हैं और पुन: अपने श्राप से मुक्त कर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। यह भाई बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है।
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