सिधावे चौराहा पर अपने दुकान में बिजली के उपकरण बनातीं तीनों बहनें।संवाद
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पढ़ाई के बाद पिता के साथ इलेक्ट्रिक की दुकान पर करती है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। क्षेत्र के गांव सिधावे खास निवासी अमरजीत प्रसाद की तीन बेटियां पढ़ाई के साथ ही स्वावलंबन की राह पर चल रही हैं। अमरजीत की इलेक्ट्रिक की दुकान है। उनकी तीनों बेटियां हाथ बंटाती हैं। उनसे ही सीखकर कुशल कारीगर के तौर पर इलेक्ट्रिक का काम कर रही हैं। ये तीनों अपनी हमउम्र लड़कियों के लिए नजीर के रूप में देखी जा रही हैं।
इलेक्ट्रिक की इसी दुकान से अमरजीत प्रसाद के परिवार का जीविकोपार्जन होता है। पिता के साथ हाथ बंटाकर केवल दुकान ही नहीं संभालतीं, बल्कि आय भी दोगुनी कर दी हैं। अमरजीत की बड़ी बेटी 20 साल की रंजीता स्नातक की पढ़ाई कर रही है। दूसरी बेटी 17 साल की अनुष्का हाईस्कूल में है। वहीं, तीसरी सोनम 9वीं की पढ़ाई के साथ ही पिता के साथ इलेक्ट्रिक की दुकान पर काम करती है। ये तीनों स्टेब्लाइजर असेंबलिंग, मोटर बाइंडिंग, पंखा रिबाइंडिंग सहित अन्य काम भली-भांति कर लेती है। इनका कहना है कि पिता की खुशी में अपनी खुशी समझती हैं। ये पढ़ाई के बाद पूरे मन से इलेक्ट्रिक की दुकान पर रिपेयरिंग का काम करती हैं। पिता के साथ दुकान पर काम करने से घर में खुशहाली के साथ ही आर्थिक मजबूती आई है।
अमरजीत ने बताया कि वर्ष 1997 में गांव के ही चौराहे पर एक छोटी सी इलेक्ट्रिक की दुकान खोली। वह मोटर व ट्रांसफाॅर्मर बाइंडिंग सहित बिजली के उपकरण की मरम्मत करने में पारंगत हैं। इसी से वे अपने परिवार की सभी आवश्यकताएं पूरी करते हैं। बेटियां कुछ समझदार हुईं तो पिता के कार्य में हाथ बंटाने लगीं। तीनों बहनें टेकुआटार से पढ़ाई करने के साथ ही दुकान के कार्यों को संभालती हैं। धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक उपकरणों की मरम्मत में पारंगत हो गईं। एक कुशल कारीगर की तरह कार्य करती हैं। इनके बनाए गए इलेक्ट्रिक सामानों की क्षेत्र में प्रशंसा होती है। पानी का मोटर, स्टेब्लाइजर, इंडक्शन चूल्हा, कूलर, वाशिंग मशीन आदि की रिपेयरिंग के लिए लाइन लगी रहती है। अमरजीत ने बताया कि तीनों बेटियों पर मुझे गर्व है।