कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) ने 27 सितंबर 2022 में किया था आरंभ
रद्द हो चुकी मैत्रेय परियोजना के लिए बने भवन परिसर में बारिश के पानी में भीग रहीं गाड़ियां
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में लाखों रुपये खर्च कर आरंभ की गई ''ई-कार्ट ऑफ कुशीनगर'' योजना नहीं चल सकी। कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) ने अगस्त 2022 में ई-कार्ट योजना धरातल पर उतारा था। इसका मकसद पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटकों को कुशीनगर के दर्शनीय स्थलों तक पहुंचाने की सुविधा मुहैया कराना था, लेकिन यह योजना कुछ दिनों तक ही चलकर ठप हो गई। ऐसे में देसी-विदेशी पर्यटकों को पैदल ही घूमकर सभी प्रमुख मंदिरों व दर्शनीय स्थलों को देखना पड़ता है।
कसाडा ने पर्यावरण सुरक्षा व पर्यटकों की सुविधा के लिए 29 लाख रुपये से चार ई-कार्ट गाड़ियों की खरीदारी की थी। इसका शुभारंभ विश्व पर्यटन दिवस पर 27 सितंबर 2022 में मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर के प्रवेश द्वार से जिला स्तरीय अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर किया था। ई-कार्ट का संचालन आरंभ होने पर स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल था। कसाडा की इस योजना की सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की थी। ई-कार्ट योजना की सबसे खास बात यह थी कि संचालित गाड़ियां डीजल व पेट्रोल से नहीं, बल्कि बैट्री चालित थीं। इससे बौद्ध क्षेत्र में इनके चलने से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं था। योजना शुरु होने के बाद चार गाड़ियों में से सिर्फ दो का ही संचालन हुआ। वह भी कुछ दिनों तक ही चलीं। फिर गाड़ियों का पहिया थम गया। इसकी वजह संचालन के लिए अस्थाई प्रबंध का होना रहा। स्थायी प्रबंध प्रशासन स्तर से नहीं किया गया था।
कुशीनगर में कसाडा ई-कार्ट के सुगम संचालन व अपनी आय बढ़ाने के लिए टेंडर निकाल चुका है, लेकिन निर्धारित तय तिथि पर टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदार ही हिस्सा नहीं लिए। इसके चलते ठेका नहीं हो पा रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि टेंडर में शर्त के अनुसार कोई दिलचस्पी नहीं दिखाया। इसके चलते ठेका नहीं हो पाया। फिलहाल, चलवाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
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बारिश के पानी से भीग रही हैं ई-कार्ट गाड़ियां
पर्यटकों व स्थानीय लोगों के कुशीनगर में मुख्य गेट से रामाभार स्तूप तक भ्रमण कराने के लिए संचालित ई- कार्ट गाड़ियां बारिश के पानी से भीग रही हैं। जिम्मेदार अधिकारी इसका दोबारा संचालन शुरू कराने के लिए व्यवस्था कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके चलते गाड़ियों के पहियों पर ब्रेक लगा है। अब ई-कार्ट सड़क पर चलने की जगह निरस्त हो चुकी मैत्रेय परियोजना के कार्यालय परिसर के अंदर की शोभा बढ़ा रही हैं।
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10 रुपये में मिल रही थी सुविधा-
कुशीनगर मुख्य गेट से रामाभार स्तूप तक भगवान बुद्ध संबंधी स्थलों तक पहुंचने के लिए लोगों को सिर्फ 10 रुपये खर्च करने पड़ते थे। ई-कार्ट पर एक साथ 14 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इससे पर्यटक व स्थानीय लोगों को चाइना मंदिर, वर्मी मंदिर, मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर, मांथा कुंवर मंदिर, जापान मंदिर, कोरिया टेंपल, तिब्बती मंदिर, राजकीय बौद्ध संग्रहालय, थाई मंदिर, रामाभार स्तूप आदि तक पहुंचने में सहूलियत मिल रही थी।
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कोट
ई-कार्ट के संचालन के लिए टेंडर निकाला जाएगा। नियम और शर्त को पूरा करने वाले ठेकेदार को चलाने के लिए ठेका दिया जाएगा। जल्द इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसका संचालन शुरू होने से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को कुशीनगर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।
- रत्निका श्रीवास्तव, सचिव कसाडा/एसडीएम कसया
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कुशीनगर में खड़ी ई-कार्ट गाड़ियों को चलाने के लिए कोशिश की जाएगी। अभी पर्यटन सीजन नहीं है। इसके संचालन के लिए विभागीय अधिकारियों से वार्ता कर कोई न कोई ठोस प्रबंध किया जाएगा।
- केशव सिंह, सभासद, वार्ड-21 बुद्ध नगरी
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ई-कार्ट गाड़ियों की योजना की जानकारी नहीं थी। अब जानकारी हुई है। इनके संचालन के लिए ठोस प्रयास किया जाएगा। संचालन शुरू कराकर पर्यटन सुविधा को बढ़ाया जाएगा। संचालन का रास्ता निकाला जाएगा।
- प्रभुनाथ सिंह, सभासद, शहीद भगत सिंह नगर
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खड़ी ई-कार्ट कुशीनगर में चलनी चाहिए। प्रशासन को इसके संचालन के लिए प्रबंध किया जाना चाहिए। इसका संचालन नहीं होने से लोगों को ई-रिक्शा या अन्य वाहनों की मदद लेनी पड़ती है। वह काफी खर्चीला होता है।
- टीेके राय, कैफे संचालक
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कुशीनगर महापरिनिर्वाण मंदिर मार्ग पर चार ई-कार्ट मुख्य द्वार से रामाभार स्तूप तक चल रहे थे, लेकिन चारों ई-कार्ट को बंद कर दिया गया है। इससे कुशीनगर में समस्त मंदिरों का भ्रमण करने में पर्यटकों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन को पुनः इसे संचालित करना जाना चाहिए।
- किरन सिंह, समाजसेवी
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ई-कार्ट सेवा कुशीनगर में पर्यावरण, पारिस्थितिकी तथा पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं की दृष्टि से अति प्रशंसनीय है। संभवत: कुछ कारणों से अभी ई-कार्ट सेवा कुछ समय से बंद है। आशा है यह अति उपयोगी सेवा शीघ्र ही पुन: उपलब्ध होने लगेगी।
- डॉ. अभय राय
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ई-कार्ट योजना लोगों और पर्यटकों के लिए बेहतर साबित हो रही थी, लेकिन बंद हो गई है। दर्शनीय स्थलों तक पहुंचने के लिए अन्य साधनों का प्रयोग करना पड़ रहा है। जो काफी खर्चीला है। जल्द ई कार्ट चलाया जाना चाहिए।
- रामलक्षन