गुरवलिया बाजार। 27 अक्टूबर से शुरू हुई इस प्रतियोगिता में अबतक 27 रॉकेट लॉन्च हो चुके हैं। इनमें से 24 पूरी तरह सफल रहे, जबकि तीन रॉकेट तकनीकी कारणों से असफल रहे। डॉ. विनोद ने बताया कि यह आंकड़ा प्रतिभागी छात्रों की तकनीकी क्षमता और उनकी तैयारी को दर्शाता है। इस स्तर पर इतनी लॉन्चिंग का रॉकेट के उड़ान से भरा रोमांच तीसरे दिन की लॉन्चिंग सुबह 8:19 बजे पहले मॉडल रॉकेट के उड़ान भरने के साथ शुरू हुई।
इसके बाद 8:32, 8:34, 8:35, 12:05, 12:07, 12:10 और 12:13 बजे तक लगातार मॉडल रॉकेट हवा में उड़ते रहे। दोपहर बाद कैनसैट की बारी आई12:16, 2:25, 2:29, 2:30 और 2:32 बजे पांच कैनसैट लॉन्च किए गए, जो पैराशूट के सहारे सुरक्षित नीचे उतरे। बारिश के कारण कुछ देरी जरूर हुई, लेकिन प्रतिभागियों का उत्साह और टीमवर्क गजब का दिखा।
बच्चों में दिखी वैज्ञानिक बनने की जिज्ञासा
आज प्रतियोगिता स्थल पर कई स्कूलों के छात्र–छात्राओं ने भी भ्रमण किया। द प्रेसिडेंट स्कूल (दनियाड़ी तरया रोड), एसबीडी स्कूल (पड़रौना) और पन्ना देवी इंटरमीडिएट कॉलेज के बच्चों ने वर्किंग एरिया, हैबिटेट एरिया और आर्ट एंड स्पेस गैलरी का विजिट किया। इन बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। उन्होंने प्रतिभागी छात्रों से सवाल पूछे, उपकरणों को करीब से देखा और विज्ञान के प्रति गहरी रुचि व्यक्त की। शिक्षकों ने कहा कि यह अनुभव छात्रों के लिए भविष्य की दिशा तय करने वाला क्षण साबित होगा।