बाईपास मार्ग के लिए किया अर्द्धनग्न प्रदर्शन
व्यापारियों, चिकित्सकों और शिक्षकों ने भी समर्थन दिया
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। चौथे दिन रविवार को नगर के बाईपास मार्ग की बदहाली को लेकर आंदोलित लोगों ने अर्र्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि इस बार आर-पार की लड़ी जाएगी। आंदोलन को नगर के व्यापारियों, चिकित्सकों और शिक्षकों ने भी समर्थन दिया है।
छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि बजरंगी यादव पहलवान की अगुवाई में नोनियापट्टी गांव समेत आसपास गांवों व शहर के लोग धरना दे रहे हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक त्रिलोकीनाथ पांडेय ने कहा कि बाईपास सड़क क्षतिग्रस्त होने से शहर में जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। पिछले कई वर्षों से इस सड़क के निर्माण की मांग की जा रही है, बावजूद इसके जिला प्रशासन यह कहकर पल्ला झाड़ लेता है कि यह सड़क रेलवे के अधीन है। जबकि रेलवे के अधिकारी इस सड़क के निर्माण के लिए नगरपालिका और पीडब्लूडी को जिम्मेदार बताते हैं। इस दौरान हाजी रजा हुसैन, विकास यादव, छात्रसंघ के उपाध्यक्ष रामलखन यादव, सूरज यादव, प्रियांशु यादव, असलम, अनवर, अंकुर पांडेय, निकेश यादव, बाल्मिकी, जमाल, किशन कुशवाहा, अंकुश जायसवाल, साबिर अली, परवेज आलम, साहिल शेख, दीपक पटेल आदि मौजूद रहे।
क्यों जरूरी है बाईपास सड़क का निर्माण:
व्यापारियों को होती है दिक्कत
पूर्वांचल व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सैनी का कहना है कि बाईपास मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से सर्वाधिक दिक्कत व्यापारियों को होती है। क्योंकि भारी वाहनों का प्रवेश इसी रास्ते होता है। खराब सड़क के कारण चालक भी इधर से गुजरने में कतरा रहे हैं। इसका निर्माण कराना जायज है।
जाम में फंस जाती है एंबुलेंस
चिकित्सक डॉ.वैभव ज्योति श्रीवास्तव का कहना है कि बाईपास रोड खराब होने के कारण एंबुलेंस भी बाजार से होकर अस्पताल पर पहुंचती है। बाजार में जाम के कारण एंबुलेंस भी फंस जाती है, जिससे मरीज की हालत और गंभीर हो जाती है। बाईपास मार्ग सही होता तो मरीजों को भी अस्पताल पहुंचने में आसानी होती।
छात्रों के लिए एक मात्र रास्ता
यूएनआईसी के प्रधानाचार्य जगमोहन त्रिपाठी का कहना है कि छात्रों के आने-जाने के लिए यह बेहतर रास्ता है, लेकिन पिछले कई वर्षों से यह खराब पड़ा है। जिससे इधर से आने वाले छात्र कभी-कभी गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं, जबकि तमाम छात्रों के कपड़े भी कीचड़ के छींटों से खराब हो जाते हैं। इसका निर्माण कराना आवश्यक है।
जाम से मिलेगी निजात
शिक्षक अनूप मिश्र का कहना है कि शहर में हर दिन जाम लगता है, इसके चलते लोग समय से अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते है। दिन की शुरूआत होते ही भारी वाहनों के चलते शहर में जाम लगने का सिलसिला शुरू हो जाता है। जाम से निजात दिलाने के लिए बाईपास का निर्माण जरूरी है।