गंडक के कटान को रोकने के लिए शुरू हुआ बचाव कार्य
50 से अधिक घर को आगोश में ले चुकी है नदी, 100 लोग तोड़ चुके हैं आशियाना
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अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। अहिरौलीदान के कचहरी टोला में गंडक नदी के कटान को रोकने के लिए रविवार से एक बार फिर बोल्डरों की आवक शुरू हो गई है। बोल्डर से बचाव कार्य शुरू हो जाने पर लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि बचाव कार्य धीमी गति से होने के कारण कचहरी टोला के वजूद को बचाना मुश्किल होगा।
अहिरौलीदान के कचहरीटोला में पिछले पांच अगस्त से गंडक नदी का कटान शुरू हुआ था और तभी से गांव में अफरा-तफरी का माहौल कायम है। जहां 50 से अधिक लोगों के घर को नदी ने अपने आगोश में लेकर उनका अस्तित्व ही समाप्त कर दिया है। तो वहीं कचहरी टोला समेत नोनिया पट्टी, खैरखुटा, मदुरही और हरिजन बस्ती के 100 से अधिक लोग अपने खुद के हाथों अपने ही आशियाने को तोड़कर पलायन कर चुके हैं। लोगों का कहना है कि बाढ़ की विभीषिका ने काफी बड़े पैमाने पर गांव में तबाही मचाई है। गंडक की तबाही से लोगों को बर्बाद होता देख प्रशासन भी मूकदर्शक बना रहा। तीन दिन पहले जब बाढ़ खंड विभाग कचहरी टोला में बचाव कार्य शुरू किया, तो एक ही दिन में बोल्डर, तार की जाली समेत अन्य संसाधन कम हो गए और संसाधन के अभाव में मिट्टी से भरी बोरियों का इस्तेमाल किया जाने लगा। इससे लोगों में काफी नाराजगी थी। रविवार से एक बार फिर बोल्डर की आवक शुरू हो गई और बचाव कार्य शुरू होने पर लोगों ने राहत की सॉस ली है। ग्राम प्रधान हीरालाल यादव, जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल, जितेंद्र सिंह, सुजीत यादव, नवल किशोर सिंह का कहना है कि बचाव कार्य तेजी के साथ किया जाय, तो कटान को कुछ हद तक रोका जा सकता है, लेकिन अब तक जिस गति से कार्य हो रहा है, उससे कचहरी टोला के वजूद को बचाना मुश्किल है। बाढ़ खंड के एक्सईएन भरत राम ने बताया कि बचाव कार्य में संसाधन की कमी नहीं आने दी जाएगी। कटान को रोकने के लिए युद्घस्तर पर बचाव कार्य चल रहा है।