बीएसएन की सेवाओं ने दिया दगा, बैंकों का कामकाज ठप
सरकारी और गैरसरकारी संस्थानों के कामकाज पर पड़ा असर
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अमरउजाला ब्यूरो
पडरौना। भारतीय संचार निगम लिमिटेड की मोबाइल और लैंडलाइन सेवा मंगलवार से ही ध्वस्त रही। इन दो दिनों में बैंक से लेन-देन के लिए आए ग्राहकों को जहां निराशा हाथ लगी, वहीं बैंकों का लेन-देन भी प्रभावित रहा। बीएसएनएल के फेल होने से सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों में भी ऑनलाइन कामकाज ठप रहा।
पांच अक्टूबर को भी दोपहर करीब 12:30 बजे से बीएसएनएल की लैंडलाइन, मोबाइल और ब्रॉडबैंड सेवा फेल हो गई थी, जिससे बैंक, एलआईसी,सरकारी दफ्तर और गैरसरकारी संस्थानों में ऑनलाइन कामकाज ठप हो गया था। यहां तक कि बीएसएनएल के सिम उपयोग करने वाले ग्राहक भी दिन भर इससे जूझते रहे थे। यही समस्या मंगलवार को फिर पेश आई, जिससे लैंडलाइन, मोबाइल और ब्रॉडबैंड सेवा ठप रही। न केवल बीएसएनएल के उपभोक्ताओं से मोबाइल पर संपर्क हो रहा था, बल्कि वे खुद दूसरों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। चूंकि अफसरों, पुलिस व अन्य विभागों में ज्यादातर सरकारी नंबर बीएसएनएल के ही हैं, इसलिए संपर्क न हो पाने के कारण लोगों के कामकाज पर असर पड़ा। बैंकों में रुपये निकालने आए ग्राहकों को मंगलवार से ही समस्या का सामना करना पड़ा। रुपये नहीं मिल पाने के कारण ग्राहकों को दोनों दिन बैंकों से निराश होकर लौटना पड़ा। बुधवार को दोपहर बाद बीएसएनएल की संचार सेवा बहाल हो सकी।
दूरसंचार विभाग के एसडीओ फैजान ने बताया कि देवरिया-कसया रोड पर ओएफसी केबिल कट जाने के कारण संचार सेवा ठप हुई है। उसकी मरम्मत के बाद समस्या दूर हो जाएगी। बरवा महदेवा के मखनू प्रसाद ने बताया कि उनकी दो बेटियां जिला अस्पताल में भर्ती हैं। रुपये के लिए मंगलवार से ही एसबीआई के पडरौना शाखा में चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन इंटरनेट काम न करने के कारण रुपये नहीं निकल पाए। नगर के दरबार रोड निवासी मनीष कुमार ने बताया कि वह पेशे से व्यापारी हैं। एक होलसेलर को रुपये देने थे, लेकिन बैंक में लेन देन बंद होने के कारण रुपये नहीं मिल सके। पडरौना नगर के संजय सिंह ने कहा कि घर पर सेटरिंग का काम चल रहा है। मजदूरों को रुपये देने थे, लेकिन बैंक में कामकाज ठप रहने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। दशहवा के अजय राय ने कहा कि त्योहार को देखते हुए रुपये निकालने आए थे, लेकिन रुपये नहीं निकल पाए।